रायपुर। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में तबादला प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कुछ कर्मचारियों और सूत्रों के हवाले से आरोप लगाए जा रहे हैं कि हाल ही में जारी किए गए कुछ तबादले केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं, क्योंकि संबंधित कर्मचारियों ने नए पदस्थापना स्थल पर ज्वाइन करने के तुरंत बाद पुनः रायपुर लौटकर कार्यभार संभाल लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्ग में एक, भिलाई में एक तथा बीएमवाई (BMY) में तीन कर्मचारियों की पदस्थापना की गई थी। आरोप है कि इन कर्मचारियों को संबंधित स्थानों पर औपचारिक रूप से ज्वाइन कराया गया, लेकिन इसके बाद उन्हें तत्काल रायपुर वापस बुला लिया गया।

सूत्रों का दावा है कि जिन कर्मचारियों के नाम इस मामले में सामने आ रहे हैं, उनमें वरिष्ठ अधिकारियों के बॉडीगार्ड अथवा विशेष ड्यूटी से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। आरोप है कि इनमें DRM बॉडीगार्ड, Sr.DSC बॉडीगार्ड, ASC बॉडीगार्ड तथा अन्य विशेष कार्यों में लगे कर्मचारी शामिल हैं, जिन्होंने नए स्थान पर ज्वाइनिंग देने के बाद तुरंत Raipur में पुनः अपनी ड्यूटी शुरू कर दी।
इस घटनाक्रम के बाद कर्मचारियों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या तबादला प्रक्रिया केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गई है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी को नए स्थान पर भेजा जाता है तो उसे वहां निर्धारित अवधि तक कार्य करना चाहिए, अन्यथा इससे तबादला नीति की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगते हैं।
हालांकि, इस संबंध में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अथवा रेलवे प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो तबादला प्रक्रिया और कर्मचारियों की वास्तविक तैनाती को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े हो सकते हैं।
फिलहाल इस मामले में आधिकारिक पुष्टि और संबंधित अधिकारियों के पक्ष का इंतजार है।


















