रायपुर/दंतेवाड़ा। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले स्थित बैलाडीला क्षेत्र से लौह अयस्क के कथित अवैध परिवहन और रेलवे रैक में अतिरिक्त वैगन जोड़ने के मामले में रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस जांच में अनियमितताओं के खुलासे के बाद 5 अधिकारियों और 3 कर्मचारियों समेत कुल 8 रेलकर्मियों की पदोन्नति (प्रमोशन) और वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
सूत्रों के अनुसार यह मामला अक्टूबर 2025 का है, जब बैलाडीला से रवाना हुई 57 वैगनों की स्वीकृत मालगाड़ी में कथित तौर पर दो अतिरिक्त वैगन जोड़ दिए गए थे। आरोप है कि इन वैगनों में करोड़ों रुपये मूल्य का लौह अयस्क भरकर सैकड़ों किलोमीटर दूर भेजा गया। लंबे समय तक यह पूरा मामला सिस्टम की नजरों से ओझल रहा।

बताया जा रहा है कि हाल ही में हुई विजिलेंस की गोपनीय जांच के दौरान डिजिटल लॉग, परिचालन रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल में कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं। जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि स्वीकृत रैक संरचना में बदलाव कर अतिरिक्त वैगनों को शामिल किया गया था। प्रकरण सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने पहले एक कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त किया। वहीं अब मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए 8 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। संबंधित अधिकारियों की पदोन्नति और वार्षिक वेतनवृद्धि रोक दी गई है। जांच में यह भी सामने आया कि बचेली और किरंदुल लोडिंग प्लांट से नियमित रूप से संचालित होने वाली 57 वैगनों की रैक में कथित मिलीभगत के जरिए दो अतिरिक्त वैगन जोड़ दिए गए थे। विजिलेंस टीम ने जब डिजिटल रिकॉर्ड का भौतिक अभिलेखों से मिलान किया तो अनियमितता की पुष्टि हुई।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि मामले की विस्तृत विभागीय जांच अभी जारी है और दोषी पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी आगे कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला रेलवे की माल परिवहन प्रणाली में निगरानी और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।


















