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तिरुपति देवस्थानम बेचेगा 283 टन मानव बाल, पिछले सारे रिकॉर्ड टूटे; करोड़ों में हो सकता है कारोबार

तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले मानव बालों की नीलामी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मंदिर प्रशासन इस बार करीब 283 टन मानव बाल बेचने की तैयारी कर रहा है, जिसे अब तक के सबसे बड़े स्टॉक में से एक माना जा रहा है। मंदिर में श्रद्धालु धार्मिक आस्था के तहत अपने बाल अर्पित करते हैं। इन बालों को एकत्र करने के बाद मंदिर प्रशासन इन्हें नीलामी के माध्यम से बेचता है। इन बालों की मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रहती है, खासकर विग और हेयर एक्सटेंशन उद्योग में।

आंध्र प्रदेश स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के चरणों में श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक इतने केश चढ़ाए कि एक रिकॉर्ड ही बन गया. मई 2026 के महीने में तिरुमला में केश दान का एक नया सर्वकालिक रिकॉर्ड स्थापित हुआ है. सिर्फ 27 दिनों के भीतर 12.43 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने भगवान को अपने बाल अर्पित किए. भक्तों की इस बढ़ती संख्या के साथ ही मंदिर की कमाई भी ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचने जा रही है.

पिछले दो वर्षों का रिकॉर्ड टूटा तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 1 से 27 मई के बीच कुल 12.43 लाख श्रद्धालुओं ने मुंडन कराया. यह आंकड़ा पिछले दो वर्षों की तुलना में बेहद असाधारण है. इससे पहले मई 2024 में 10.65 लाख और मई 2025 में 10.18 लाख श्रद्धालुओं ने केश दान किया था.

राजस्व में 26 करोड़ का बड़ा उछाल केश दान में आई इस भारी बढ़ोतरी का सीधा असर मंदिर के खजाने पर दिखाई दे रहा है. टीटीडी ने चालू वित्त वर्ष में मानव केश की ई-नीलामी से लगभग 176 करोड़ रुपये की आय का अनुमान लगाया है. यह पिछले वित्त वर्ष में मिली 150 करोड़ रुपये की राशि से सीधे 26 करोड़ रुपये अधिक है, जो अब तक की सबसे बड़ी कमाई होगी.

283 टन बालों की ई-नीलामी

283 टन बालों की ई-नीलामी शुरू मंदिर प्रशासन ने संचित हुए 2.83 लाख किलोग्राम (283 टन) मानव बालों की वैश्विक ई-नीलामी शुरू कर दी है. बाजार में छोटे बालों की कीमत 135 प्रति किलो निर्धारित की गई है, जबकि लंबे और प्रीमियम क्वालिटी के बालों की कीमत पहले 20,000 प्रति किलो तक जा चुकी है.:

क्यों उमड़ी भक्तों की इतनी भीड़? टीटीडी के अनुसार, गर्मी की छुट्टियां और त्योहारों के सीजन के कारण इस बार तिरुपति में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा. इस दौरान 23 मई का दिन सबसे ऐतिहासिक रहा, जब महज एक दिन में 57 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मुंडन कराया, जो एक दिन में केश दान करने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है.

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