ब्रेकिंग खबरें

छत्तीसगढ़

शराब दुकानों में अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई: ढाई साल में 427 कर्मचारी बर्खास्त

खास बातें

  • ढाई साल में शराब दुकानों के 427 कर्मचारी, सुपरवाइजर और सेल्समैन बर्खास्त।
  • ओवररेट बिक्री, शराब में पानी मिलाने और कैश हेराफेरी के मामले प्रमुख।
  • दंतेवाड़ा की एक दुकान में 1.52 करोड़ रुपए से अधिक की अनियमितता उजागर।
  • छह आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज, पूरी वसूली अब तक नहीं।
  • 51.31 लाख रुपए की वसूली अभी भी लंबित।


रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों के संचालन में अनियमितताओं के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले ढाई वर्षों में 427 कर्मचारियों, सुपरवाइजरों और सेल्समैनों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्त किए गए कर्मचारियों पर ओवररेट में शराब बेचने, शराब में पानी मिलाने, कैश में हेराफेरी करने तथा आपराधिक मामलों में संलिप्त होने जैसे गंभीर आरोप पाए गए थे।

छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमसीएल) द्वारा ऐसे कर्मचारियों की सूची जारी की गई है, जिन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार वर्ष 2025 और 15 फरवरी 2026 के दौरान धमतरी, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले की शराब दुकानों से वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़ी 500 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों की जांच के बाद दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई।

दंतेवाड़ा में सामने आया 1.52 करोड़ रुपए का घोटाला

शराब दुकानों में अनियमितताओं के मामलों में सबसे बड़ा घोटाला दंतेवाड़ा जिले में सामने आया। विभागीय जांच के दौरान कंपोजिट विदेशी मदिरा दुकान में क्यूआर स्कैनिंग और वित्तीय लेनदेन में भारी गड़बड़ी पाई गई। प्रारंभिक जांच में 60 लाख 38 हजार 404 रुपए की राशि बैंक में जमा नहीं होना सामने आया। इसके बाद की विस्तृत जांच में 92 लाख 9 हजार 370 रुपए के स्टॉक की कमी भी पाई गई।

इस प्रकार एक ही दुकान में कुल 1 करोड़ 52 लाख 47 हजार 774 रुपए की वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ। मामले में आबकारी विभाग ने बचेली थाने में छह आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कराया, लेकिन अब तक पूरी राशि की वसूली नहीं हो सकी है।

वसूली की प्रक्रिया पर भी सवाल

विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया था कि नियमानुसार अनियमितताओं से संबंधित राशि की वसूली प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से की जाती है। हालांकि फरवरी 2026 तक की स्थिति में कुल देय राशि में से केवल 1 करोड़ 1 लाख 16 हजार 340 रुपए की ही वसूली हो पाई है, जबकि 51 लाख 31 हजार 434 रुपए की वसूली अब भी लंबित है।

विभाग की सख्ती जारी

आबकारी विभाग का कहना है कि शराब दुकानों में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

What's your reaction?

Related Posts