छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ आज से शाला प्रवेश उत्सव शुरू हो रहा है। इस दौरान स्कूलों में नए विद्यार्थियों का स्वागत किया जाएगा और उन्हें पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार की योजना के तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफॉर्म, पाठ्य पुस्तकें और अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की जाएंगी। इसके अलावा पात्र विद्यार्थियों को साइकिल भी प्रदान की जाएगी, ताकि उन्हें स्कूल आने-जाने में सुविधा मिल सके। शाला प्रवेश उत्सव के जरिए स्कूलों में बच्चों के नामांकन को बढ़ावा देने और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर स्कूलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शिक्षक, अभिभावक और जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
वहीं 30 जून को शाला प्रवेश उत्सव का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे. संभाग स्तर पर आयोजित होने वाले इस उत्सव के दौरान विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकें और साइकिलों का वितरण भी किया जाएगा.
बच्चों का तिलक लगाकर हुआ स्वागत
राजधानी रायपुर में गर्मी की छुट्टियों के बाद पहले दिन स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों का शिक्षकों ने तिलक लगाकर और किताबें भेंट कर स्वागत किया.स्कूलों में बच्चों के चेहरे पर उत्साह और नई उम्मीदें साफ नजर आईं..खासकर पहली बार स्कूल पहुंचे नौनिहालों के लिए यह दिन यादगार रहा.
धमतरी में बच्चों में दिखा उत्साह
वहीं धमतरी जिले में नए शिक्षण सत्र की शुरुआत उत्साह और उल्लास के साथ हुई. धमतरी के गोकुलपुर स्थित प्राथमिक शाला में सोमवार सुबह 7:30 बजे राज्य गीत और राष्ट्रगान के साथ शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ किया गया. लंबे ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद विद्यालय पहुंचे बच्चों का शिक्षकों ने तिलक लगाकर और चॉकलेट देकर स्वागत किया. इस दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था.
विद्यालय परिसर में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला. शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें नए सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं. पहली बार स्कूल पहुंचे नौनिहालों में विशेष उत्साह नजर आया. बच्चों ने अपने नए साथियों और शिक्षकों से परिचय किया तथा विद्यालय की गतिविधियों में भाग लिया.
शिक्षक बोले- पहले से तैयारी पूरी
शिक्षकों ने बताया कि लगभग दो माह की गर्मी की छुट्टियों के बाद बच्चों को पुनः शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है. इसे ध्यान में रखते हुए विद्यालय में पहले से ही सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई थीं. स्कूल परिसर की साफ-सफाई, कक्षाओं की बैठक व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को व्यवस्थित किया गया था ताकि बच्चों को बेहतर वातावरण मिल सके. नए सत्र के पहले दिन बच्चों में पढ़ाई को लेकर उत्सुकता दिखाई दी.
शिक्षकों ने उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अनुशासन का पालन करने के लिए प्रेरित किया. विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि पूरे सत्र में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. नए शिक्षण सत्र की शुरुआत के साथ ही विद्यालय परिसर एक बार फिर बच्चों की किलकारियों और चहल-पहल से गुलजार हो उठा.


















