रायपुर। कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं द्वारा पकड़े गए फर्जी वकील को सिविल लाइन्स पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। आरोपी मनीष कुर्रे उर्फ हरीश डहरिया से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी शनिवार-रविवार की रात अभनपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पुलिस टीम को घुमाता रहा और अपने साथियों के बारे में सही जानकारी देने के बजाय गुमराह करता रहा।
रविवार को आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया। पुलिस अब उसके नेटवर्क और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों की तलाश में जुटी हुई है। सीएसपी के मुताबिक आरोपी के कब्जे से फर्जी अधिवक्ता पहचान पत्र और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी केवल आठवीं तक पढ़ा हुआ है।
नजूल पट्टा दिलाने के नाम पर ठगे 20 हजार रुपये
अभनपुर थाना क्षेत्र के घुसेरा निवासी किराना व्यवसायी रूपचंद गिलहरे (53) की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार आरोपी ने खुद को अधिवक्ता बताकर रूपचंद से संपर्क किया और हाईकोर्ट से नजूल पट्टा बनवाने का झांसा दिया। आरोपी ने 1 जून और 3 जून को पांच-पांच हजार रुपये लिए, जबकि 20 जून को 10 हजार रुपये और लेकर उन्हें कोर्ट परिसर बुलाया था। कोर्ट परिसर पहुंचने पर रूपचंद को आरोपी की गतिविधियों पर संदेह हुआ। उन्होंने वहां मौजूद अन्य अधिवक्ताओं से उसके बारे में जानकारी ली, जिसके बाद आरोपी की पोल खुल गई। अधिवक्ताओं ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज
सिविल लाइन्स पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी अकेला नहीं है और उसके साथ अन्य लोग भी इस फर्जीवाड़े में शामिल हो सकते हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फर्जी अधिवक्ता पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज किसकी मदद से तैयार किए गए। आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके संभावित साथियों और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है।


















