छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हुए ट्रिपल मर्डर केस की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगी। राज्य सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। सरकारी आदेश के अनुसार, मामले की गंभीरता और जांच में व्यापकता की आवश्यकता को देखते हुए केस को CBI को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले मामले की जांच स्थानीय पुलिस स्तर पर की जा रही थी। अब CBI इस हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी और आवश्यक साक्ष्य जुटाकर आगे की कार्रवाई करेगी।

पीड़ित परिवार ने की थी CBI जांच की मांग
कोरिया में बीजेपी नेता समेत 3 लोगों की हत्या के मामले में सीएम विष्णुदेव साय की सरकार ने CBI जांच को मंजूरी दी थी। पीड़ित परिवार ने CBI जांच की मांग की थी।
कार में लगाई गई थी आग
रेत तस्करों ने एक कार में सवार परिवार के 5 लोगों को आग के हवाले कर दिया था। बीजेपी नेता लल्ला सिंह और नागेंद्र सिंह की जलने से मौत हुई थी। आरोपियों ने लल्ला सिंह के भाई का गला फरसे से काटा था। अब तक 12 आरोपियों को अरेस्ट किया जा चुका है।
रेत तस्करी, वसूली और विवाद
कोरिया में रेत के अवैध खनन को लेकर लल्ला सिंह के परिवार का बीजेपी नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से विवाद चल रहा था। चिरमी के रेत घाट का ठेका करीब 8 महीने पहले मयंक सिंह के नाम पर मिला था। इसके बाद मयंक सिंह और उनका परिवार सोनहत, कैलाशपुर और तेलीमुड़ा, बेलिया और छिंगुरा से निकलने वाले अवैध रेत से भी वसूली शुरू कर दी। बीजेपी नेता लल्ला सिंह और उनके परिवार के सदस्य फॉर्च्यूनर में हूटर बजाते हुए चलते थे। मयंक सिंह प्रति हाइवा 1000 रुपये की वसूली करता था।
जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में एक हाइवा रेत 5 हजार रुपये तक में बिकती है। त्रिपाठी परिवार के पास कुछ टीपर वाहन हैं, जिनसे वे रेत निकालकर जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बेचते थे। त्रिपाठी परिवार दूसरे घाट से निकाले गए रेत के पैसे देने को तैयार नहीं था, जिसे लेकर कई महीने से दोनों परिवारों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी।


















