रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए सोमवार सुबह से प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई लगातार जारी है। कार्रवाई के दौरान अब तक 80 से अधिक मकानों को तोड़ा जा चुका है। प्रभावित लोगों का दावा है कि ध्वस्त किए गए मकानों में प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत निर्मित 32 आवास भी शामिल हैं।
कार्रवाई को लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपने घरों को बचाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस ने इस मामले में माना कैंप थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 121, 191(1) और 191(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान सरकारी कार्य में बाधा, विरोध-प्रदर्शन और अन्य घटनाक्रमों से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। मामले में वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से बसे परिवारों को पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना बेदखल किया जा रहा है। कई प्रभावित परिवारों ने दावा किया कि उनके पास आवास योजनाओं के तहत मिले मकानों के दस्तावेज भी हैं, इसके बावजूद उनके घरों को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के बाद कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।

वहीं प्रशासन का कहना है कि विधायक कॉलोनी परियोजना के लिए चिन्हित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही है। संबंधित लोगों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई की जा रही है।
नकटी गांव में चल रही इस कार्रवाई ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग उठाई है, जबकि प्रशासन परियोजना को सार्वजनिक हित से जुड़ा बताते हुए कार्रवाई को आवश्यक बता रहा है।
फिलहाल बुलडोजर कार्रवाई जारी है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन तथा पुलिस की नजर बनी हुई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच भी समानांतर रूप से आगे बढ़ रही है।
नकटी कार्रवाई की प्रमुख बातें
- विधायक कॉलोनी के लिए भूमि खाली कराने की कार्रवाई जारी।
- अब तक 80 से अधिक मकान तोड़े गए।
- प्रभावितों के अनुसार पीएम आवास और इंदिरा आवास योजना के 32 मकान भी ध्वस्त।
- गांव में विरोध प्रदर्शन के बीच भारी पुलिस बल तैनात।
- बीएनएस की धारा 115(2), 121, 191(1) और 191(2) के तहत एफआईआर दर्ज।
- पुनर्वास और मुआवजे को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल।
- प्रशासन ने कार्रवाई को नियमानुसार और कानूनी प्रक्रिया के तहत बताया।


















