रायपुर। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में करोड़ों रुपये का मेंटेनेंस शुल्क बकाया होने से सड़क, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के रखरखाव पर असर पड़ रहा है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, समय पर शुल्क जमा नहीं होने के कारण विकास और रखरखाव के कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में सड़कों, नालियों, उद्यानों, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति, सार्वजनिक स्थलों की सफाई, सुरक्षा और अन्य रखरखाव कार्यों के लिए एलएमसी, सीएमसी और जल प्रभार के रूप में मेंटेनेंस शुल्क लिया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में रहवासी लंबे समय से यह शुल्क जमा नहीं कर रहे हैं, जिससे लिफ्ट संचालन, बिजली बिल भुगतान और अन्य आवश्यक सेवाओं के संचालन में भी कठिनाई आ रही है।
बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, हिमालयन हाइट्स, डूमरतराई में करीब 800 मकानों पर कुल 1.85 करोड़ रुपये से अधिक का मेंटेनेंस शुल्क बकाया है। इनमें 13 परिवारों पर 1 से 1.50 लाख रुपये, 50 परिवारों पर 1 लाख से अधिक, 130 परिवारों पर लगभग 1 लाख रुपये तथा चार परिवारों पर 50 हजार रुपये तक की बकाया राशि है।
वहीं, बोरियाकला कॉलोनी में स्थिति और गंभीर है। यहां 1716 मकानों पर करीब 3.45 करोड़ रुपये का शुल्क बकाया है। आंकड़ों के मुताबिक एक परिवार पर 1.50 लाख रुपये, पांच परिवारों पर 1 से 1.50 लाख रुपये, 216 परिवारों पर 50 हजार रुपये तक तथा 1494 परिवारों पर विभिन्न श्रेणियों का मेंटेनेंस शुल्क लंबित है।
हाउसिंग बोर्ड का कहना है कि कई बकायेदारों को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद शुल्क जमा नहीं कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि समय पर मेंटेनेंस शुल्क जमा किया जाए तो कॉलोनियों में सड़क, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सफाई और अन्य सुविधाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। फिलहाल बोर्ड बकाया वसूली की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी में जुटा है।


















