जगदलपुर। बस्तर संभाग में पंजीकृत 348 गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की गतिविधियों, फंडिंग और कार्यप्रणाली की विस्तृत जांच शुरू की गई है। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में संभाग के सभी सात पुलिस जिलों से विस्तृत जानकारी मांगी है। जांच का उद्देश्य संस्थाओं को प्राप्त धनराशि के स्रोत, उसके उपयोग और बीते वर्षों में संचालित गतिविधियों का सत्यापन करना है।
पुलिस मुख्यालय ने जिलों को 22 बिंदुओं वाला विस्तृत प्रोफार्मा भेजा है, जिसमें पिछले पांच वर्षों की गतिविधियों का ब्योरा भी मांगा गया है। अधिकारियों के अनुसार यह पहली बार है जब एनजीओ से जुड़ी इतनी व्यापक जानकारी एकत्र की जा रही है। दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आवश्यक होने पर मैदानी स्तर पर भी जांच की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार बस्तर संभाग में कार्यरत 25 से अधिक संस्थाओं को विदेशों से भी आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। ये संस्थाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, महिला एवं बाल विकास समेत 47 विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि प्राप्त धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप हुआ या नहीं।
पुलिस मुख्यालय ने जिन जानकारियों की मांग की है, उनमें संस्था का नाम, पंजीयन संख्या एवं तिथि, आय के स्रोत, कार्यालय का पता, प्रमुख गतिविधियां, पंजीयन संबंधी अधिनियम, बैंक खातों का विवरण, एफसीआरए पंजीयन, पदाधिकारियों की जानकारी, पिछले पांच वर्षों की गतिविधियों का रिकॉर्ड, वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट, वेबसाइट, कार्यक्षेत्र, विदेशी फंडिंग का विवरण, शासकीय विभागों से प्राप्त कार्य, सदस्यों की संख्या और अन्य प्रशासनिक जानकारियां शामिल हैं। साथ ही संस्था के संबंध में उपलब्ध गोपनीय रिपोर्ट, शासन की नीतियों के कथित दुरुपयोग या नक्सलियों से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संबंध जैसी सूचनाएं भी मांगी गई हैं।
बस्तर संभाग में जिलेवार पंजीकृत एनजीओ
बस्तर – 148
कांकेर – 67
दंतेवाड़ा – 42
नारायणपुर – 31
बीजापुर – 26
कोंडागांव – 25
सुकमा – 9


















