रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मिड-डे मील) योजना की मॉनिटरिंग के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि फ्लेक्सी फंड के तहत प्रदेश के सात जिलों में विद्यार्थियों को सप्ताह में तीन दिन 20 ग्राम मिलेट चिक्की (मिलेट बार) उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें जशपुर, रायगढ़ तथा नियाद नेल्लानार योजना के अंतर्गत शामिल पांच जिले शामिल हैं। वहीं, हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि यह सुविधा केवल सात जिलों तक ही सीमित क्यों रखी गई है और राज्य सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा है।
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दायर शपथपत्र में बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत 783.92 करोड़ रुपये के फिजिकल एवं फाइनेंशियल एक्शन प्लान को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के 56,254 स्कूलों के 27,14,682 विद्यार्थियों को 240 कार्य दिवस तक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा 93,420 कुक-कम-हेल्पर की सेवाएं ली जाएंगी तथा 16,062 स्कूलों में रसोई उपकरणों के उन्नयन का भी प्रावधान किया गया है।
सात जिलों में मिलेगा मिलेट बार
सरकार ने अदालत को बताया कि पोषण स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से चयनित सात जिलों के विद्यार्थियों को सप्ताह में तीन दिन 20 ग्राम मिलेट चिक्की देने का निर्णय लिया गया है। हालांकि सुनवाई के दौरान न्यायालय द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी ने पूछा कि जब मिलेट आधारित पोषण सभी बच्चों के लिए उपयोगी है, तो इसका लाभ पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को क्यों नहीं दिया जा रहा।
इस पर राज्य सरकार ने कहा कि अन्य जिलों में भी योजना के विस्तार के संबंध में आवश्यक निर्देश प्राप्त किए जाएंगे। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 को तय करते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
पांच जिलों में पहले से संचालित है सेंट्रलाइज्ड किचन
मुख्य सचिव ने शपथपत्र में बताया कि रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और धमतरी जिलों में सेंट्रलाइज्ड किचन मॉडल पहले से लागू है। यह व्यवस्था विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों और कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से संचालित की जा रही है।
इस मॉडल के अंतर्गत 786 स्कूलों में भोजन की आपूर्ति की जा रही है, जिनमें 467 प्राथमिक और 319 पूर्व माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों के लगभग 1,13,972 विद्यार्थियों को वर्ष 2011 से 2014 के बीच स्थापित सेंट्रलाइज्ड किचन के माध्यम से नियमित मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
राज्य सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि जिला मुख्यालयों और आसपास के स्कूलों में सेंट्रलाइज्ड किचन मॉडल के विस्तार को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है, जिससे भविष्य में अधिक संख्या में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और मानकीकृत भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा। हाईकोर्ट अब अगली सुनवाई में यह भी समीक्षा करेगा कि मिलेट बार वितरण योजना का विस्तार प्रदेश के शेष जिलों तक कब और किस प्रकार किया जाएगा।


















