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पनीर खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर, छत्तीसगढ़ में कल से लागू होगा नया नियम

छत्तीसगढ़ सरकार ने मिलावटी और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घोषणा की है कि प्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री पर रोक लगाई जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस संबंध में आज ही आदेश जारी किया जाएगा, जबकि प्रतिबंध कल से प्रभावी हो जाएगा। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। मंत्री के अनुसार, राज्य में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और इसी अभियान के तहत एनालॉग पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।

कल से नहीं बिकेगी एनालॉग ‘पनीर’

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि कल से पूरे छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर की बिक्री नहीं होगी. इस संबंध में आज आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा. सरकार का कहना है कि यह फैसला आम लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है. बाजार में बिक रहे पनीर की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है. सरकार के इस फैसले के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन भी कार्रवाई के लिए सक्रिय होगा.

एनालॉग ‘पनीर’ क्या है?

  • ‘एनालॉग पनीर’ स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP), वनस्पति वसा/पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल, स्टार्च और अन्य सामग्री मिलाकर तैयार किया जाता है.
  • दिखने और स्वाद में यह पनीर जैसा हो सकता है, लेकिन यह शुद्ध दूध से तैयार नहीं होता.
  • FSSAI के अनुसार इसे ‘एनालॉग पनीर’ के रूप में स्पष्ट रूप से लेबल करना जरूरी है, ताकि उपभोक्ता यह जान सकें कि वे किस प्रकार के उत्पाद का सेवन कर रहे हैं.

श्याम बिहारी जायसवाल ने गिनाई विभाग की उपलब्धियां

बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विभाग की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि ‘स्वस्थ बस्तर अभियान’ के पहले चरण को मिली सफलता के बाद अब इसका दूसरा चरण शुरू किया जाएगा. मंत्री ने बताया कि अभियान के पहले चरण में बस्तर के गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जिससे लोगों को घर के करीब स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं.

इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर कार्यों को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से 400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है. इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने, नए अभियान चलाने तथा अधिक से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने में किया जाएगा.

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