भिलाई स्टील प्लांट से लोहा चोरी के बहुचर्चित मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले की जांच अब केंद्रीय जांच एजेंसी CBI करेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले में CBI जांच के लिए अपनी सहमति दे दी है। इसके बाद इसकी अधिसूचना राजपत्र में भी जारी कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, CBI ने मामले की जांच के लिए अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि CBI की पांच सदस्यीय टीम देर रात भिलाई पहुंच चुकी है। टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की जांच कर सकती है। लोहा चोरी के इस मामले को लेकर पहले से ही जांच चल रही थी। अब CBI के जांच संभालने के बाद मामले से जुड़े रिकॉर्ड, चोरी की पूरी प्रक्रिया और इसमें कथित तौर पर शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी।
भाजपा विधायक ने उठाया था मामला
यह पूरा मामला दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 277/2026 से जुड़ा है. इस मामले को भाजपा विधायक रिकेश सेन ने विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद सरकार ने CBI जांच का फैसला लिया है. गृह विभाग, मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर ने 25 सितंबर 2026 को असाधारण राजपत्र क्रमांक 558 में इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है.
राजपत्र में कहा गया है कि GENCOR-35/7964/2026-HOME SECTION के तहत दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 की धारा 6 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने थाना पुरानी भिलाई के अपराध क्र. 277/2026 के अनुसंधान के लिए CBI को पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में जांच का अधिकार दिया है. यह आदेश राज्यपाल के नाम से उप-सचिव आर. पी. चौहान द्वारा जारी किया गया है.
गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला
यह मामला भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं 303(2), 317(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2), 111, 112, 61(2)(क), 3(5) के तहत दर्ज है. इन धाराओं में संगठित अपराध, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. अब इस पूरे नेटवर्क की जांच दिल्ली से आई CBI टीम करेगी.


















