बिना रेरा पंजीयन के प्लॉट बेचने के मामले में छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG Rera) ने एक डेवलपर्स, रायपुर पर 8 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. प्राधिकरण ने डेवलपर को संबंधित परियोजना का रेरा के तहत पंजीयन कराने के भी निर्देश दिए हैं.
विस्तार न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार महागणपति डेवलपर्स ने प्लॉटेड लेआउट परियोजना विकसित की थी और उसके प्लॉटों की बिक्री रेरा पंजीयन के बिना की जा रही थी. रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 के तहत जिन परियोजनाओं का पंजीयन अनिवार्य है, उनमें पंजीयन के बिना विज्ञापन, प्रचार, बुकिंग या प्लॉट अथवा इकाई की बिक्री की पेशकश नहीं की जा सकती.
मामले की जानकारी मिलने पर सीजीरेरा ने स्वप्रेरणा से संज्ञान लेते हुए डेवलपर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया. सुनवाई के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच में प्राधिकरण ने पाया कि परियोजना का संचालन रेरा अधिनियम की धारा 3 के प्रावधानों के विपरीत किया जा रहा था.
इसके बाद प्राधिकरण ने महागणपति डेवलपर्स पर 8 लाख रुपए का जुर्माना लगाया. साथ ही परियोजना को रेरा के तहत पंजीकृत कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उसका विकास और प्लॉटों की बिक्री निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप हो तथा आवंटियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
बिना पंजीयन बिक्री पर होगी कार्रवाई
रेरा ने स्पष्ट किया है कि रेरा के तहत पंजीयन योग्य परियोजना में पंजीयन प्राप्त किए बिना प्लॉट या इकाइयों का विज्ञापन, प्रचार, बुकिंग या बिक्री की पेशकश करना अधिनियम का उल्लंघन है. ऐसे मामलों में प्राधिकरण स्वप्रेरणा से संज्ञान लेकर संबंधित प्रमोटर के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है. इसमें जुर्माना लगाने के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी शामिल है.


















