छत्तीसगढ़ में जांच एजेंसियों ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीमों ने प्रदेश में कई ठिकानों पर दबिश दी है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने राजधानी रायपुर में अनवर ढेबर के घर पर छापेमारी की है। जांच एजेंसियों की इस कार्रवाई से प्रदेश में हलचल तेज हो गई है। अलग-अलग स्थानों पर पहुंची टीमें दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की जांच कर रही हैं।
कई ठिकानों पर EOW-ACB की दबिश
EOW और ACB की टीमों ने छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों की ओर से की जा रही इस कार्रवाई को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
ईडी ने करोबारी अनवर ढेबर के बैरन बाजार में बने घर पर दबिश दी है. जानकारी के अनुसार, ED की टीम दो गाड़ियों के साथ ढेबर के घर पर पहुंची थी. अनवर ढेबर के घर के बाहर सुरक्षाबल तैनात की गई है. अधिकारी घर के अंदर दस्तावेजो और अन्य सभी रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं. बता दें कि अनवर ढेबर छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी है.
हालांकि अभी ED ने किसी प्रकार की आधिकारिक जानकारी शेयर नहीं की है कि छापेमारी किस मामले के संबंध में की जा रही है. फिलहाल शराब घोटाले मामले से जुड़ी नई कार्रवाई इसे मामना जा रहा है और अभी ईडी से इसकी पुष्टि बाकी है.
राजधानी रायपुर में तीन से चार जगहों पर जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य में EOW और ACB की टीम मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC), कोल और शराब घोटाले से जुड़े मामलों में जांच कर रही हैं.
रायपुर में EOW की टीम सुबह रियल एस्टेट कारोबारी सुदर्शन शर्मा के घर पर भी पहुंची है. बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई शराब घोटाला मामले संबंधित है. टीम घर के अंदर दस्तावेजाें और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है.
बिलासपुर और राजनांदगांव समेत कई जिलों में EOW की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, राजधानी रायपुर ही नहीं, बल्कि बिलासपुर और राजनांदगांव समेत कई जिलों में EOW की टीमों ने दबिश दी है. EOW की इन कार्रवाई को CGMSC और कोल मामले से जुड़ी हुई बताई जा रही है. कई जिलों में टीम अलग-अलग जगहों पर दस्तावेज और जांच से संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है.
फिलहार इन सभी कार्रवाई को लेकर ED और EOW एजेंसियों ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. कार्रवाई पूरी होने के बाद हो सकता है बरामद दस्तावेज और अन्य सामग्री की जानकारी एजेंसी स्पष्ट रूप से दे सकती है.


















