ओमान से प्रत्यर्पित कर लाया गया सौरभ चंद्राकर कभी सड़क किनारे जूस की दुकान चलाता था। उसने कपड़ों के शोरूम में नौकरी भी की, लेकिन रातों-रात अमीर बनने के लिए ऐसी राह चुनी जिसने उसे देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का सरगना बना दिया। ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में ‘महादेव ऐप’ लॉन्च करने के बाद सौरभ ने देखते ही देखते देशभर में ऐसा जाल बिछा दिया, जो 6,000 करोड़ से अधिक की रकम वाला देश का सबसे बड़ा सट्टेबाजी साम्राज्य बन गया।
सीबीआई के अनुसार, सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे। सौरभ की एक जूस की दुकान थी। इससे पहले वह कपड़े की दुकान में काम करता था। 2019 में वो दुबई गया और अपने एक दोस्त रवि उत्पल को भी बुलाया। इसके बाद उसने महादेव ऐप लांच किया और देशभर में क्रिकेट, फुटबॉल और ताश के खेलों पर ऑनलाइन सट्टे का जाल बिछाया। सीबीआई के अनुसार, यह देश का सबसे बड़ा अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क था, जो विदेश से चल रहा था।
फ्रेंचाइजी पैनल से नेटवर्क बनाया
गिरोह ने देशभर में फ्रेंचाइजी आधारित पैनल और ब्रांच का नेटवर्क बनाया गया था, जो लोगों को जोड़ने और उनसे पैसे लेने का काम करता था। सट्टेबाजी से होने वाली कमाई को बड़ी संख्या में फर्जी बैंक खातों के जरिए घुमाया जाता था। कई स्तर के लेनदेन के बाद रकम हवाला के जरिए विदेश भजी जाती थी। सीबीआई ने छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।
भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज
सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराओं तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत आरोप-पत्र दाखिल किए हैं। वहीइं, ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए हैं।
शादी में खर्च किए थे 200 करोड़, कई हस्तियों से पूछताछ
सौरभ चंद्राकर ने दुबई में शादी की थी। उसने शादी में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस शादी में बॉलीवुड के कई स्टार शामिल हुए थे। कहा जाता है कि सौरभ चंद्राकर ने अपने रिश्तेदारों को भारत से बुलाने के लिए प्राइवेट प्लेन किए थे।
पुलिस, नेता से स्टार तक, सौरभ के चक्कर में कई फंसे
पिछले तीन सालों में ईडी इस मामले में भारत और भारत से बाहर कई शहरों में छापामारी कर चुकी है। इस मामले में पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ईडी की जांच के दायरे में शीर्ष पुलिसकर्मी, नौकरशाह, फिल्म इंडस्ट्री के बड़े लोग, समाजसेवी, मीडियाकर्मी रहे हैं और इन सबसे पूछताछ हुई है।
रेड कॉर्नर नोटिस जारी था
केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद सीबीआई और ईडी ने उसके खिलाफ जुटाए गए सबूतों के साथ ओमान सरकार को औपचारिक प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजा। सीबीआई उसे टीम मस्कट से भारत लाई है।
एजेंसी ने ओमान सरकार, पुलिस का आभार जताया
सीबीआई ने सहयोग के लिए ओमान सरकार और रॉयल ओमान पुलिस का आभार जताया है। एजेंसी ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों का उदाहरण है। सीबीआई के अनुसार, ऐप की कमाई का एक हिस्सा कुछ सरकारी अधिकारियों को संरक्षण राशि के रूप में भी दिया जाता था।


















