छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन लेने वाले हितग्राहियों के लिए राहत भरी खबर है। अब फिंगरप्रिंट मशीन में अंगूठे का निशान मैच नहीं होने पर भी लोगों को राशन से वंचित नहीं किया जा सकेगा। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान मौजूद है।
फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने पर भी मिलेगा राशन
अक्सर राशन दुकानों में ई-पॉस मशीन पर फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने के कारण हितग्राहियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों, मजदूरों और ऐसे लोगों को दिक्कत होती है, जिनकी उंगलियों के निशान मशीन में ठीक से दर्ज नहीं हो पाते। ऐसी स्थिति में कई बार हितग्राहियों को राशन मिलने में देरी होती है या उन्हें बिना राशन लिए वापस लौटना पड़ता है।
फिंगरप्रिंट के बदले कैसे मिलेगा राशन
रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कई बार बुजुर्गों या मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों के अंगूठे के निशान घिस जाने के कारण बायोमेट्रिक मशीन में प्रमाणीकरण नहीं हो पाता. ऐसी स्थिति में पात्र हितग्राही को राशन से वंचित नहीं किया जाएगा.
विभाग के अनुसार, हितग्राही दो तरीकों से राशन ले सकते हैं.पहला विकल्प नॉमिनी सुविधा है. इसके तहत हितग्राही अपने परिवार के किसी सदस्य को नॉमिनी के रूप में नामांकित कर सकता है. अगर आपका फिंगरप्रिंट फेल होता है तो नॉमिनी व्यक्ति अपने प्रमाणीकरण से आपके हिस्से का राशन प्राप्त कर सकता है.
ये है दूसरा ऑप्शन
दूसरा विकल्प ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण है. हितग्राही के आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाता है, जिसके जरिए पहचान सत्यापित कर राशन दिया जाता है. खाद्य नियंत्रक ने कहा कि हाल ही में कुछ जगहों पर यह भ्रामक जानकारी फैलाई गई कि फिंगरप्रिंट नहीं मिलने से बुजुर्गों को राशन नहीं मिल रहा है. यह पूरी तरह से अधूरी जानकारी है. विभाग ने सभी राशन दुकान संचालकों को भी निर्देश दिए हैं कि ऐसी स्थिति में हितग्राहियों को वैकल्पिक प्रक्रिया के बारे में बताएं और नियमानुसार राशन उपलब्ध कराएं.


















