रायपुर। केन्द्र सरकार द्वारा वन-नेशन-वन कार्ड के तहत की जा रहे ई-केवाईसी में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। खाद्य विभाग की मानें तो राज्य में 46 सौ बीपीएल कार्ड ऐसे लोगों के नाम पर बने हैं जो स्वयं किसी निजी कंपनी के मालिक हैं या फिर किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं। इनके नाम से पिछले 3 साल से राशन भी उठाया जा रहा था। वहीं डुप्लीकेट आधार व निष्क्रिय आधार से राशन कार्ड में सदस्य बने लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। प्रदेश में डुप्लीकेट आधार कार्ड जोड़कर 86 हजार 249 राशन कार्डधारक चावल उठाते रहे हैं। इसके अलावा 106710 सदस्य के राशन कार्ड निष्क्रिय हैं। अब खुलासे के बाद इनमें से 50 फीसदी पर कार्रवाई कर दी गई है। इनके नाम सूची से हटाए गए हैं। अब इन्हें राशन भी नहीं मिलेगा। वही जो राशन इन्होंने पिछले तीन सालों में उठाया है इनसे वसूली भी की जाएगी।
95 हजार लोगों ने एक साल और 37 हजार ने 6 माह से नहीं उठाया राशन…
हाल ही में आए अपडेट के मुताबिक 95 हजार से ज्यादा लोगों ने एक साल से चावल नहीं उठाया है। वहीं 6 माह से 1 साल के अंतर में 37 हजार से ज्यादा लोगों ने चावल नहीं उठाया है। इसका भी मिलान करवाया जा रहा है।
25 लाख से ज्यादा ई-केवाईसी अब भी पेंडिंग
लगातार डोर-टू-डोर केवाईसी के बावजूद अभी 25 लाख 71 हजार 326 लोग संदिग्ध हैं। राशन कार्ड में दर्ज इन लोगों की पुष्टि नहीं हो सकी है। इनकी भी जांच की जा रही है। वहीं रायपुर जिले में इनकी संख्या 63 हजार से ज्यादा बताई जा रही है।


















