रायपुर। आतंकी संगठन आईएसआईएस के पाकिस्तानी मॉड्यूल से जुड़े दो नाबालिगों से एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि दोनों के कई देशों से संपर्क थे। दोनों पर आईएसआईएस का प्रभाव बहुत ज्यादा था। एटीएस ने कुछ दिनों पहले रायपुर और दुर्ग से गिरफ्तार किया था।
इस मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने जांच शुरू कर दी है। दोनों गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। नाबालिगों के साथ व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप में जुड़े लोगों को बयान के लिए बुलाया जा रहा है। जिन लोगों से पूछताछ की जा रही है, उनमें 18 साल से कम उम्र के लड़के-लड़कियां हैं। दोनों नाबालिगों का दो साल की कॉल डिटेल्स भी निकाली जा रही है। इसके साथ ही दोनों आरोपियों के परिजनों के मोबाइल की जांच की जा रही है।
‘दोनों छात्रों का ब्रेनवॉश किया गया’
एटीएस अधिकारियों ने बताया कि आईएसआईएस के आतंकवादियों ने दोनों नाबालिगों को ब्रेनवॉश कर दिया था। दोनों की गतिविधियां देश विरोधी थीं। सोशल मीडिया पर नाबालिग देश की कई योजनाओं की आलोचना कर रहे थे। इसके साथ ही वे अन्य लड़के-लड़कियों को अपने मॉड्यूल में जोड़ने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे लोगों की तलाश में जुटे हुए थे जो देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे।
दोनों 500 से ज्यादा एप का इस्तेमाल कर रहे थे
गिरफ्तार किए गए दोनों नाबालिग 500 से ज्यादा मोबाइल एप का इस्तेमाल कर रहे थे। अपने अकाउंट के जरिए ऐसे वीडियो शेयर करते थे जो देश विरोधी थे। जांच एजेंसी दोनों के बैकग्राउंड की जांच कर रही हैं। साथ ही पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वे किन लोगों से मिलते-जुलते थे।



















