छत्तीसगढ़ में बसों से सफर करने वाले यात्रियों को अब ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है। राज्य सरकार ने नगरीय सेवाओं को छोड़कर अन्य यात्री बसों के किराए की नई दरें निर्धारित की हैं। परिवहन विभाग ने इस संबंध में 8 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की है।
नई अधिसूचना के तहत साधारण, डीलक्स, स्लीपर, अर्ध-स्लीपर और वातानुकूलित बसों के लिए अलग-अलग किराया तय किया गया है। ये दरें राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से प्रभावी होंगी।
सरकार ने इसके साथ ही 11 मार्च 2025 को जारी बस किराया संबंधी पिछली अधिसूचना को निरस्त कर दिया है। नई दरें लागू होने के बाद यात्रियों को बस की श्रेणी के अनुसार किराया देना होगा।
नई दरों के अनुसार साधारण बस में पहले पांच किलोमीटर की यात्रा के लिए प्रति यात्री 10 रुपए देने होंगे. इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर या उसके हिस्से के लिए 1.75 रुपए की दर से किराया लगेगा. वहीं, डीलक्स बस में पहले पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपए और इसके बाद प्रति किलोमीटर 2.20 रुपए किराया निर्धारित किया गया है.
वातानुकूलित बसों का किराया अधिक
वोल्वो, स्कैनिया और मर्सिडीज जैसी सुपर लग्जरी वातानुकूलित बसों में पहले पांच किलोमीटर के लिए प्रति यात्री 12 रुपए किराया तय किया गया है. इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर या उसके हिस्से के लिए 3.30 रुपए देने होंगे. वातानुकूलित अर्ध-स्लीपर बसों में सीट के लिए 3 रुपए और स्लीपर बर्थ के लिए 3.30 रुपए प्रति यात्री प्रति किलोमीटर की दर निर्धारित की गई है.
गैर-वातानुकूलित डीलक्स स्लीपर और अर्ध-स्लीपर बसों में पहले पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपए तथा इसके बाद प्रति किलोमीटर 2.20 रुपए किराया लगेगा. वातानुकूलित डीलक्स स्लीपर और अर्ध-स्लीपर बसों में पहले पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपए तथा इसके बाद प्रति किलोमीटर 3.20 रुपए की दर निर्धारित की गई है.
रात्रिकालीन बसों में 10 प्रतिशत अधिक किराया
साधारण रात्रिकालीन बस सेवा का किराया सामान्य साधारण बस की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक होगा. अधिसूचना में रात्रिकालीन बस सेवा उसे माना गया है, जो सामान्यतः सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच संचालित होती है और जिसकी एक तरफ की यात्रा की दूरी 200 किलोमीटर से अधिक होती है. बस की श्रेणी, रात्रिकालीन सेवा, वातानुकूलन और स्लीपर या अर्ध-स्लीपर सुविधा का उल्लेख पंजीयन प्रमाणपत्र और परमिट में होना आवश्यक है.
किराए की गणना के दौरान 50 पैसे या उससे अधिक की राशि को अगले पूरे रुपए में बदल दिया जाएगा, जबकि 50 पैसे से कम की राशि को छोड़ दिया जाएगा.
पांच श्रेणियों को किराए में 100 प्रतिशत छूट
सरकार ने कुछ विशेष श्रेणियों के यात्रियों को बस किराए में पूरी छूट देने का प्रावधान किया है. इसमें दृष्टिबाधित व्यक्ति, बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग व्यक्ति, 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक और एचआईवी/एड्स से पीड़ित मरीज शामिल हैं. इन यात्रियों के साथ यात्रा करने वाले एक सहायक को भी 100 प्रतिशत किराया छूट मिलेगी.
दोनों पैरों से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग अथवा शासकीय अस्पताल के अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त प्रमाणपत्र मान्य होगा. एचआईवी/एड्स से पीड़ित मरीजों को संबंधित जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति, एआरटी केंद्र या कैंसर अस्पताल के अधिकारियों द्वारा जारी फोटोयुक्त प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा.
नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को आधे किराए की छूट
छत्तीसगढ़ के निवासी नक्सल प्रभावित व्यक्ति को भी यात्री बसों में 50 प्रतिशत किराए की छूट दी जाएगी. इसके लिए संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर कलेक्टर द्वारा जारी नक्सल प्रभावित व्यक्ति का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा. यह छूट राज्य के भीतर बस से यात्रा करने पर लागू होगी.


















