हाई कोर्ट ने रतनपुर के महामाया कुंड के जाल में फंसकर मृत मिले 23 कछुओं के आरोपी ट्रस्ट के उपाध्यक्ष व पुजारी सतीश शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है. वहीं चीफ जस्टिस ने वन्य जीव अधिनियम को लेकर सही जानकारी नहीं होने पर डीएफओ को फटकार लगाई.
रतनपुर के महामाया मंदिर के कुंड में कछुओं की मौत के मामले में ट्रस्ट के उपाध्यक्ष और मंदिर के पुजारी सतीश शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. इस मामले में पुजारी
और संस्था के उपाध्यक्ष सतीश शर्मा ने अपनी जमानत के लिए हाई कोर्ट में याचिका लगाई है. इस मामले में सोमवार को चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की बेंच में सुनवाई हुई. इस दौरान 16 अप्रैल के आदेश के परिपालन में बिलासपुर डीएफओ और नगर पालिका रतनपुर ने भी शपथपत्र में जवाब पेश किया. डीएफओ की तरफ से शपथ पत्र में पुजारी सतीश शर्मा के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम की धारा 9 के तहत मामला दर्ज करना बताया. इसके खिलाफ याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि ये धारा शिकार किए जाने पर लगाई जाती है.



















