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रायपुर में पेयजल संकट, करोड़ों खर्च, फिर भी प्यासे 15 वार्ड

मिशन अमृत योजना फेल- 40 टैंकर, 400 ट्रिप रोज, फिर भी राहत नहीं, बीमार और बुजुर्ग भी घंटों लाइन में खड़े

रायपुर। रायपुर। मिशन अमृत योजना में करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी नगर निगम का अमला शहर की बड़ी आबादी को नल से पानी पिलाने में नाकाम साबित हो रहा है। 15 अप्रैल तक की स्थिति के अनुसार शहर के 15 वार्डों में पेयजल संकट गहरा चुका है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। राहत के नाम पर नगर निगम प्रतिदिन विभागीय व किराए के मिलाकर 40 टैंकरों से लगभग 400 ट्रिप पानी पहुंचा रहा है, लेकिन इससे भी नागरिकों को पूरी राहत नहीं मिल पा रही।

“बीमारी के बावजूद एक-एक बाल्टी पानी के लिए टैंकर का घंटों इंतजार करना पड़ता है।”
— गोपाल वैष्णव, खम्हारडीह संगम चौक निवासी (ब्लड प्रेशर व शुगर पीड़ित)

जोन-3 कमिश्नरी अंतर्गत खम्हारडीह शंकरनगर की हालत सबसे दयनीय है। यहां रेलवे पटरी के दोनों ओर की बस्तियों में न नल से पानी आ रहा है और न बोरवेल से। बोरवेल से महज 5 से 7 मिनट ही पानी निकल पाता है, उसके बाद दोबारा पानी के लिए डेढ़ से दो घंटे इंतजार करना पड़ता है।

खम्हारडीह संगम चौक निवासी गोपाल वैष्णव, जो ब्लड प्रेशर, शुगर सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं, उनकी व्यथा इस संकट का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने बताया कि मार्च के दूसरे सप्ताह से नल सूखने लगे थे। पहले टैंकर सुबह 10 से 10.30 बजे आता था, अब शाम 5 बजे आता है — और तब भी मुश्किल से एक ड्रम पानी मिल पाता है।

जोनवार स्थिति

  • जोन-1: बंजारी माता व यतियतन लाल वार्ड — दो टंकियां होने के बाद भी 4 हजार आबादी टैंकर पर निर्भर
  • जोन-3: खम्हारडीह — बोरवेल से भी राहत नहीं, रेड जोन का खतरा
  • जोन-5: डॉ. खूबचंद बघेल व भक्त माता कर्मा वार्ड — खारुन नदी के पास होने के बावजूद 10-10 टैंकर
  • जोन-9: पांच वार्ड प्रभावित

शंकरनगर ओवरब्रिज से सड्डू तक का पूरा इलाका भूजल संकट की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हो चुका है। केंद्रीय भूजल बोर्ड ने दो वर्ष पूर्व ही धरसींवा ब्लॉक के इस एरिया को रेड जोन घोषित किया था। इसके बावजूद राज्य शासन वॉटर टेबल सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा सका। नागरिक अब मुंह मांगी कीमत पर निजी टैंकर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।

जोन-5 में खारुन नदी के किनारे स्थित डॉ. खूबचंद बघेल वार्ड में पानी की बड़ी टंकी होने के बावजूद 10 टैंकरों से आपूर्ति की नौबत आ चुकी है। इससे लगे भक्त माता कर्मा वार्ड में भी स्थिति भयावह होती जा रही है। जोन-1 में गोवर्धननगर की 36 लाख लीटर क्षमता की टंकी और खमतराई थाने के पास 10 लाख लीटर की टंकी का पानी नाकाफी पड़ रहा है। पूर्व जलकार्य अध्यक्ष नागभूषण राव के अनुसार केबिनपारा, रामेश्वरनगर, कमल चौक और बुनियाद नगर की 4 हजार आबादी इन दिनों टैंकर पर आश्रित है।

महापौर मीनल चौबे द्वारा गठित जलबोर्ड समिति भी केवल कागजों तक सिमट कर रह गई है। समिति को प्रतिदिन निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश थे, लेकिन प्रभावित वार्डों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। गर्मी का यह दौर जून तक चलने का अनुमान है और इसे लेकर नागरिकों में चिंता बढ़ती जा रही है।

संकट के आंकड़े

  • 15 प्रभावित वार्ड
  • 40 टैंकर प्रतिदिन
  • 400 ट्रिप रोज़ाना

जोन स्थिति

जोन-1

2 वार्ड प्रभावित, 2 टंकी होने के बाद भी टैंकर

जोन-3

खम्हारडीह — बोरवेल भी सूखे, रेड जोन घोषित

जोन-5

मार्च से संकट, 10-10 टैंकर प्रति वार्ड

जोन-9

5 वार्ड प्रभावित


चश्मदीद

“मार्च के दूसरे हफ्ते से नल सूखे हैं। बोरवेल से 5 मिनट पानी आता है, फिर डेढ़-दो घंटे इंतजार।”

— क्षेत्रवासी, खम्हारडीह


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