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फिरौती न देने पर बुजुर्ग कारोबारी को मार डाला

नई दिल्ली . सोमवार दोपहर फिरौती का पैसा न मिलने पर बुजुर्ग कारोबारी की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई. आरोपी ने बुजुर्ग को किराए पर ली गई कृष्णा नगर स्थित दुकान में बंधक बनाया था. शव बरामद करने के बाद पुलिस ने आरोपी को मंगलवार तड़के रोहतक स्थित उसके रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस उपायुक्त रोहित मिणा ने बताया कि बुजुर्ग 75 वर्षीय कुलदीप सिंह परिवार के साथ साऊथ अनारकली गार्डन इलाके में रहते थे. परिवार में पत्नी, चार बेटी और एक बेटा है. सभी बच्चों की शादी हो चुकी है. कुलदीप सिंह बेटे के साथ प्रॉपर्टी डिलर का काम करते थे.

उनका ऑफिस अनारकली रोड पर है. आरोपी अमनदीप सिंह वालिया प्रॉपर्टी डिलर है और कृष्णा नगर में बुटिक चलाता है. कुलदीप सोमवार सुबह करीब 10 बजे घर से निकले और करीब 1020 बजे कृष्णा नगर स्थित बुटिक पर पहुंचे. परिजनों ने बताया कि दोपहर करीब 1 बजे उनका फोन मिलाया जो बंद आ रहा था.

130 बजे आया फिरौती का फोन कुलदीप सिंह के दमाद ने बताया कि करीब 130 बजे कुलदीप की बेटी के पास फोन आया. फोन करने वाले ने हन्नी से बात करने को कहकर फोन काट दिया. कुछ देर बाद दोबारा फोन आया और कहा कि कुलदीप सिंह उनके पास है. उन्हें सुरक्षित और जिंदा देखना चाहते हो तो एक करोड़ रुपये की फिरौती देनी होगी. आरोपी ने पैसा जमा करने के लिए दो घंटे का समय दिया. परिजनों ने पुलिस को अपहरण की सूचना दे दी. एसीपी जगदीश प्रसाद और जगतपुरी थाना एसएचओ सीएल मिणा टीम के साथ मौके पर पहुंचे.

जनवरी में खोला था बुटिक

जनवरी में अमनदीप ने किराए की दुकान लेकर बुटिक खोला था. कुलदीप के फोन पर सोमवार सुबह अमनदीप का फोन भी आया था. इसके बाद पुलिस ने अमनदीप की तलाश में छापेमारी की. पता चला कि अमनदीप अपने रिश्तेदार के घर रोहतक गया है. पुलिस रोहतक गई और सोमवार देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

16 लाख रुपये को लेकर चल रहा था विवाद

कुलदीप ने रमेश और अमनदीप की एक दुकान की डील कराई थी. इसमें कुलदीप बिचौलिया था. अमनदीप डील के 16 लाख रुपये कुलदीप से मांग रहा था. कुलदीप ने पैसे न होने की बात कही और 8-8 लाख रुपये के दो चैक दे दिए, लेकिन वह कैश मांग रहा था. इसी पैसों के लेन-देन को लेकर सोमवार को अमनदीप ने कुलदीप को बुटिक पर बुलाया था. जहां कुलदीप की हत्या कर दी.

डर में की वारदात

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे पैसों की सख्त जरूरत थी. इसके लिए वह कुलदीप से लगातार पैसे मांग रहा था. आरोपी ने कुलदीप को बंधक बनाने के बाद पैसों के लिए उसके परिजनों को फोन किया, लेकिन परिजनों ने पुलिस को सूचना दे दी. ऐसे में वह पकड़ा न जाए, इसलिए वह हत्या कर मौके से फरार हो गया.

70 कैमरे खंगाले

पुलिस टीम ने कुलदीप सिंह के घर, दुकान और पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की. 70 कैमरों की फुटेज जमा की और स्कूटी की पहचान कर कृष्णा नगर पहुंच गई. वहां एक बुटिक के सामने कुलदीप की स्कूटी खड़ी मिली. पुलिस ने बुटिक का ताला तोड़कर अंदर देखा तो कुर्सी पर कुलदीप के हाथ, पैर, मुंह बंधा हुआ शव पड़ा था.

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