रायपुर. राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। इस बार पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल की फर्म क्राउन विला एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड से 58 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। फेडरल बैंक की आश्रम शाखा के अधिकारी ने वाट्सएप मैसेज के आधार पर फर्म के खाते से 8 सितंबर को तीन अलग-अलग खातों में कुल 58 लाख 5 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस मामले में आजाद चौक थाने में बैंक अधिकारी और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
कैसे हुई ठगी?
पुलिस के अनुसार, ठगों ने वाट्सएप पर फर्म से जुड़े व्यक्ति के रूप में मैसेज भेजकर बैंक मैनेजर को भरोसे में लिया। मैसेज में दावा किया गया कि फर्म के चेक खत्म हो गए हैं और बाद में चेक उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस आधार पर मैनेजर ने बिना अनुमति के रकम ट्रांसफर कर दी। 29 लाख, 11 लाख और 1 लाख 5 हजार रुपये बेंगलुरु के तीन अलग-अलग खातों में भेजे गए। नितिन अग्रवाल ने इसे बैंक की गंभीर लापरवाही और संभावित मिलीभगत का मामला बताया है।
एक महीने में दूसरी घटना
यह कोई पहला मामला नहीं है। एक महीने पहले 11 अगस्त को एसबीआई रामसागरपारा शाखा से भी इसी तरह की ठगी हुई थी, जिसमें मेसर्स सुनील थपाडिया पार्टनर कृष्णा बिल्डर्स के खाते से 17 लाख 82 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए थे। उस मामले में भी ठगों ने फर्जी मोबाइल नंबर और लेटरहेड का इस्तेमाल किया था। बैंक मैनेजर को ठगी का पता तब चला जब खाताधारक सुनील थपाडिया ने खुद बैंक में संपर्क किया।
पुलिस जांच शुरू
एएसपी वेस्ट रायपुर डी. आर. पोतें ने बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। खाता नंबरों और तकनीकी जांच के जरिए ठगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, पिछले मामले में पुलिस अब तक आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाई है, जिससे साइबर क्राइम पर अंकुश लगाने की चुनौती बढ़ गई है।
बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल
नितिन अग्रवाल ने बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बिना उनकी अनुमति के इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर करना बैंक की लापरवाही को दर्शाता है। आजाद चौक थाने के टीआई जितेंद्र ताम्रकार ने बताया कि बैंक मैनेजर ने वाट्सएप मैसेज पर भरोसा करके राशि ट्रांसफर की, जो साइबर ठगी का स्पष्ट मामला है।


















