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UPI पर आई, सरकार की सफाई, वित्त मंत्रालय ने कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज

UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाए जाने को लेकर विपक्ष के विदेशी दबाव के आरोपों पर केंद्र सरकार ने बुधवार को सफाई दी. वित्त मंत्रालय ने साफ कहा कि ये फैसला किसी भी विदेशी दबाव में नहीं लिया गया है. UPI से जुड़े नीतिगत फैसले भारत अपने स्तर पर लेता है और इनका किसी विदेशी दबाव से कोई लेना-देना नहीं है. इनका मकसद डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आत्मनिर्भर, समावेशी और किफायती बनाना है. 

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि आम उपभोक्ताओं के लिए UPI पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहेगा. वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने, दुकानों पर भुगतान करने और QR कोड स्कैन कर भुगतान करने पर ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. मंत्रालय के मुताबिक, पर्सन टू पर्सन ट्रांसफर हमेशा मुफ्त रहेंगे, चाहे लेनदेन की रकम कितनी भी हो.

बता दें कि नई व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ बड़े मर्चेंट UPI लेनदेन पर 0.4 फीसदी MDR लगेगा. इस शुल्क का भुगतान ग्राहक नहीं, बल्कि कारोबारी करेगा. प्रति लेनदेन एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है. सरकार के मुताबिक, हर महीने यूपीआई QR के जरिए 1 लाख रुपये तक कमाने वाले छोटे कारोबारियों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. 

इधर, इस मामले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. अंजन दत्ता की ओर से दाखिल की गई इस याचिका में कहा गया है कि 14 सितंबर को चार्ज के लिए और 15 सितंबर को MDR फ्रेमवर्क के लिए जारी किए गए दोनों नोटिफिकेशन को रद्द किया जाए, क्योंकि ये दोनों ही असंवैधानिक संशोधन पर आधारित हैं.

कांग्रेस ने लगाया था आरोप

राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि MDR की दर 0.4 फीसदी ही क्यों तय की गई है और क्या इसका संबंध डेबिट कार्ड पर लागू एमडीआर से है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिकी मांग के आगे झुकते हुए UPI पर शून्य MDR की व्यवस्था खत्म करने का फैसला किया है. अपने दावे के समर्थन में रमेश ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की ओर से पहले UPI के मुफ्त होने को लेकर की गई आलोचना का भी हवाला दिया. 

राहुल ने की एमडीआर टैक्स को वापस लेने की मांग 

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने यूपीआई पेमेंट पर सरकार की ओर से प्रस्तावित एमडीआर टैक्स को वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सरकार ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए हैं और अमेरिका को भारी पैसा कमाने का मौका दे दिया है. राहुल ने आगे कहा कि मोदी जी ने यूपीआई पर टैक्स लगाकर हरेक भारतीय पर टैक्स लगा दिया है. और अमेरिका को भारी पैसा दे दिया है. मोदी जी कृपया अमेरिका के सामने लेटना बंद करिए, कुछ हिम्मत दिखाइए, खड़े हो जाइए और यूपीआई टैक्स को वापस लीजिए. 

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