लखनऊ. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने नकली व नारकोटिक्स दवाओं के अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को थोक दवा कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। एफएसडीए ने पांच मेडिकल फर्मों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इनमें दो फर्मों पर नारकोटिक औषधियों के क्रय-विक्रय और भंडारण पर आंशिक रोक लगाई है, जबकि पांच फर्मों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
बीते दिनों जाइडस हेल्थकेयर लिमिटेड के अधिकारियों ने नकली दवाएं बाजार में होने की आशंका जाहिर की थी। इस संबंध में कंपनी के प्रतिनिधियों ने एफएसडीए के अफसरों से शिकायत की। जिसमें नारकोटिक्स दवाओं के रैकेट की अफसरों ने जांच की। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि सरोजनीनगर के मेसर्स जेडेक्स इन्फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड और अमीनाबाद न्यू मेडिसिन मार्केट के मेसर्स महावीर मेडिकल्स पर नारकोटिक औषधियों के भारी अवैध क्रय-विक्रय का आरोप पाया गया। जिलाधिकारी के आदेश पर दोनों फर्मों के लाइसेंस से नारकोटिक्स औषधियों के क्रय-विक्रय और भंडारण के लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई आंशिक होगी। मसलन ये फर्में नारकोटिक्स ग्रुप की दवाएं नहीं बेच सकेंगी। इसमें अल्पाजोलाम, ट्रमाडॉल सहित अन्य दवाएं शामिल हैं।
पांच फर्मों पर नकली दवा का कारोबार
कानपुर में जाइडस हेल्थकेयर की शिकायत के बाद लखनऊ में दवा फर्मों की जांच कराई गई। जिसमें पांच मेडिकल फर्म दोषी पाए गए। इसमें अमीनाबाद के मेसर्स अमित मेडिकल एजेंसी, मेसर्स व्यंश फार्मा, मेसर्स शिव शक्ति फार्मा, चिनहट स्थित मेसर्स महाराजा इंटरप्राइजेज और अमीनाबाद के मेसर्स एए फार्मा का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
इनमें दवाओं की बिक्री-खरीद नहीं की जा सकती है। इन फर्मों ने नामचीन कंपनी की नकली दवाओं की खरीद-बिक्री की। फर्मों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर नकली दवाएं ली।
अमीनाबाद के कारोबारियों ने नकली दवा का जाल पूरे प्रदेश में बिछा रखा है। इसमें दवा की बड़ी से लेकर छोटी फर्म तक शामिल है। दवा कारोबारी आपस में मिलीभगत कर धंधा चला रहे हैं। बेकसूर लोगों को नकली दवाएं खिला रहे हैं। बेबस मरीज नामचीन कंपनियों की दवा समझ रहे हैं। कारोबारी उन्हें नकली दवा बेच रहे हैं। अमीनाबाद में कई दवाओं के एसोसिएशन भी संचालित हो रहे हैं, लेकिन वह भी अवैध कारोबारियों को बेनकाब नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि एक साल में 20 से ज्यादा अमीनाबाद की फर्मे नकली व अवैध दवा के कारोबार में पकड़ी जा चुकी हैं।


















