मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार, 9 सितंबर को मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। बैठक में युवाओं के रोजगार, निर्यात नीति और सरकारी कर्मचारियों समेत कई अहम मुद्दों पर बड़े फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने युवाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है। इस मिशन के लिए अगले 5 वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का फोकस युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्टार्टअप और कौशल विकास को बढ़ावा देने पर रहेगा। बैठक में इसके अलावा निर्यात नीति और सरकारी कर्मचारियों की आयु सीमा समेत कुल 5 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।

NIPUN मिशन को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर सृजित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है. मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों हेतु 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है. इसके अंतर्गत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे तथा NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा.
इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के साथ ही उन्हें जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाना और छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार एवं नई तकनीक आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है.
छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है. नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच एवं व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा.
इस नीति के तहत ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी. इस नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक एवं मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है.


















