छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए एक नए फ्लाईओवर की योजना तैयार की जा रही है। तेलीबांधा इलाके में बनने वाला यह फ्लाईओवर मौजूदा फ्लाईओवर के ऊपर से गुजरेगा। इसे राजधानी के प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम परियोजना माना जा रहा है।
प्रस्तावित फ्लाईओवर करीब 700 मीटर लंबा होगा और इसका निर्माण वीआईपी चौक से शुरू होने की जानकारी है। इसके बनने से तेलीबांधा क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने और वाहन चालकों को जाम से राहत देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कैसा रहेगा फ्लाईओवर?
बताते चलें कि, यह फ्लाईओवर वीआईपी चौक के थोड़ा आगे से शुरू होगा और मौजूदा तेलीबांधा ओवरब्रिज को लगभग साढ़े 5 मीटर ऊपर से क्रॉस करते हुए एक्सप्रेस-वे फ्लाईओवर से पहले नीचे आ जाएगा. फ्लाईओवर का सीधा फायदा वीआईपी रोड और महासमुंद तरफ से शहर की ओर आने वाले लोगों को मिलेगा.वे बिना नीचे के जाम में फंसे सीधे ऊपर वाले ब्रिज से शहर में एंट्री कर सकेंगे.
शहर से बाहर जाने वाले ब्रिज से जाएंगे
वहीं, जो लोग शहर से बाहर जाएंगे वे नीचे वाले मौजूदा ब्रिज से जाएंगे.इससे अप-डाउन ट्रैफिक पूरी तरह अलग हो जाएगा. बताते चलें कि, ये डबल फ्लाईओवर एनएचएआई के 4 प्रस्तावित फ्लाईओवर से अलग है. एनएचएआई ने तेलीबांधा में 1020 मीटर, अग्रसेन चौक में 60 मीटर, उद्योग भवन में 70 मीटर और सरोना में 60 मीटर लंबे सिक्सलेन फ्लाईओवर के लिए 300 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है.
28 सितंबर को ओपन होगा टेंडर
ये टेंडर 28 सितंबर को ओपन होगा. अधिकारियों के अनुसार टेंडर खुलने के बाद टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया होगी. एजेंसी फाइनल होते ही एक से डेढ़ महीने में काम शुरू हो जाएगा. रिंग रोड पर एक्सप्रेस-वे ओवरब्रिज के पास से मैग्नेटो मॉल से पहले तक ये सिक्सलेन ब्रिज बनेंगे, ताकि सीधे जाने वाला ट्रैफिक ऊपर से निकल जाए और चौक पर लोड कम हो.
गौरतलब है कि तेलीबांधा से अग्रसेन धाम चौक तक फ्लाईओवर का प्रस्ताव 2022 में PWD ने बनाया था और NHAI को भेजा था. बाद में NHAI ने खुद नया डिजाइन तैयार किया. चार साल की लंबी प्रक्रिया के बाद अब जाकर प्रोजेक्ट टेंडर स्टेज तक पहुंचा है.


















