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छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के लिए नया फरमान, अब छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य

छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में अवकाश लेने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब विभाग के अधिकारी, शिक्षक और अन्य कर्मचारी कागज पर आवेदन देकर छुट्टी नहीं ले सकेंगे। उन्हें अवकाश के लिए अनिवार्य रूप से HRIMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने इस संबंध में 23 अक्टूबर को आदेश जारी किया है।

जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश के लिए ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था बंद की जाएगी और सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन करना होगा। विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कराएं।

अब ऑनलाइन आवेदन से ही मिलेगी छुट्टी

नई व्यवस्था के तहत स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को छुट्टी लेने के लिए HRIMS पोर्टल पर आवेदन करना होगा। कागज पर लिखकर दिए जाने वाले सामान्य अवकाश आवेदनों को अब निर्धारित प्रक्रिया के विकल्प के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य अवकाश प्रक्रिया को व्यवस्थित करना, आवेदन का डिजिटल रिकॉर्ड रखना और स्वीकृति की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है।

जून में ही जारी हुआ था आदेश

दरअसल, विभाग ने जून 2026 में ही सभी जिलों को निर्देश दिया था कि छुट्टी का आवेदन और उसकी मंजूरी दोनों ऑनलाइन ही होगी. लेकिन कई जिलों में इस आदेश को गंभीरता से नहीं लिया गया. शिक्षक आज भी कागज पर आवेदन दे रहे थे और DEO-BEO भी उस पर साइन करके छुट्टी पास कर दे रहे थे.

जब इसकी जानकारी DPI तक पहुंची तो संचालनालय ने दोबारा और इस बार सख्त लहजे में आदेश निकाल दिया. नए आदेश में कहा गया है कि जिला और ब्लॉक स्तर पर किसी भी हालत में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. अगर किसी अधिकारी ने ऑफलाइन आवेदन पर छुट्टी मंजूर की तो वो मंजूरी ही अमान्य मानी जाएगी.

क्या बदला है नए आदेश में?

पहले ऑनलाइन व्यवस्था तो शुरू कर दी गई थी, लेकिन साथ में ऑफलाइन का ऑप्शन भी खुला रखा गया था. अधिकारी इसी का फायदा उठा रहे थे. अब नए आदेश में ऑफलाइन सिस्टम को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है. अब सिर्फ HRIMS पोर्टल पर दिख रही छुट्टी ही मान्य होगी.

शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति

वहीं, इस नए फरमान के बाद शिक्षक संगठनों में नाराजगी भी है. छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा का कहना है कि पोर्टल में अक्सर तकनीकी दिक्कतें आती हैं. कई बार नेटवर्क नहीं होने से आवेदन अपलोड ही नहीं होता और अफसर तक पहुंचता ही नहीं. इससे शिक्षकों को परेशानी होती है. इसलिए ऑफलाइन का विकल्प भी साथ में रहना चाहिए.

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