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राजनीतिक दलों में सरकारी कर्मचारियों की एंट्री पर रोक वाला आदेश वापस, 24 घंटे में ही रद्द

सरकारी कर्मचारियों को लेकर जारी एक आदेश को महज 24 घंटे के भीतर ही वापस ले लिया गया है। इस आदेश में सरकारी कर्मचारियों के राजनीतिक दलों में शामिल होने या सक्रिय राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने पर रोक लगाने की बात कही गई थी। सूत्रों के मुताबिक, आदेश को लेकर प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर पुनर्विचार के बाद इसे रद्द करने का निर्णय लिया गया। मामला सामने आने के बाद विभिन्न स्तरों पर इसकी व्यावहारिकता और वैधता पर सवाल उठने लगे थे।

सरकारी कर्मचारियों के राजनीतिक दल और अन्‍य संगठनों में सदस्‍यता लेने को लेकर कल यानी 22 अप्रैल 2026 को सामान्‍य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर रोक लगाई थी. लेकिन अब इस फैसले को लेकर सरकार ने यू टर्न ले लिया है. सरकार ने राजनीतिक और अन्‍य संगठनों में शामिल होने पर लगाई गई रोक को हटा दिया है. सामान्‍य प्रशासन विभाग ने 21 अप्रैल को आदेश जारी किया था. वहीं 24 घंटे के भीतर विभाग ने नया आदेश जारी करके पुराने आदेश को रद्द कर दिया.

नया आदेश जारी करके हाटाई रोक

दरअसल, 21 अप्रैल को कर्मचारियों के राजनीतिक और अन्‍य संगठनों में नियुक्ति पर रोक लगाई थी. आदेश में कर्मचारियों के संस्‍था या फिर किसी संगठन में जाने से पहले शासन की अनुमति को अनिवार्य किया था. लेकिन 22 अप्रैल को विभाग ने पूर्व आदेश जारी करके अपने पुराने वाले आदेश को रद्द कर दिया और नया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया.

आदेश जारी करके लगाई थी रोक

21 अप्रैल को सामान्‍य प्रशासन विभाग ने एक आदेश जारी करके सरकारी कर्मचारियों के किसी भी राजनीतिक दल, संस्‍था या संगठन में सक्रिय सदस्‍य बनने पर पूरी तरह से राेक लगा दी थी. इस आदेश में कहा गया था कि सरकार द्वारा जारी इस आदेश का उल्लंघन करने पर सं‍बंधित व्‍यक्ति पर कार्यवाही भी की जाएगी. यह आदेश सभी विभाग के एचओडी, कमिश्नर और कलेक्टर को जारी किया गया था.

पुराने आदेश में लिखा था कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के अनुसार सभी शासकीय कर्मचारियों को अपने काम को पूरी ईमानदारी, निष्‍पक्षता और जिम्मेदारी के साथ करना अनिवार्य है. इन नियमों में साफ कहा गया था कि कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी भी राजनीतिक दल या संगठन का सदस्‍य नहीं बनेगा और न ही किसी राजनीतिक गतिविधियों में सीधे तौर पर भाग लेगा.

आदेश में आगे कहा गया था कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इन नियमों का सख्‍ती से पालन करना होगा और यदि कोई व्‍यक्ति नियमों का उल्‍लंघन करता है तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्यवाही की जाएगी.

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