ब्रेकिंग खबरें

छत्तीसगढ़शिक्षा एवं रोजगार

608 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने पुनर्मूल्यांकन याचिका खारिज की

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CGPSC मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग वाली याचिकाओं पर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पुनर्मूल्यांकन की मांग को खारिज कर दिया है। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की सिंगल बेंच ने कहा कि CGPSC के नियमों में उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में परीक्षार्थियों की कॉपियों की दोबारा जांच कराने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।

नियमों के अभाव में पुनर्मूल्यांकन संभव नहीं

याचिकाकर्ताओं की ओर से मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने परीक्षा प्रक्रिया और CGPSC के लागू नियमों को ध्यान में रखा। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब संबंधित नियमों में पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था ही नहीं है, तो कोर्ट के स्तर पर ऐसी प्रक्रिया शुरू करने का आधार नहीं बनता।

क्यों खारिज हुई याचिका?

याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराई जाए। उनका कहना था कि 265 पदों के लिए 1:3 के अनुपात में कैंडीडटेस को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए। इस हिसाब से करीब 795 कैंडीडटेस इंटरव्यू के लिए चयनित होने चाहिए थे। लेकिन CGPSCने 608 कैंडीडटेस को ही इंटरव्यू के लिए चुना।

PSC ने बताई 608 कैंडीडटेस की वजह

CGPSC ने कोर्ट को बताया कि मुख्य परीक्षा में कैंडीडटेस के लिए न्यूनतम अंक तय किए गए थे। इन अंकों को हासिल करना जरूरी था। आयोग के मुताबिक सभी कैंडीडटेस न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर सके। इसलिए 265 पदों के मुकाबले 1:3 अनुपात पूरा नहीं हो पाया और 608 कैंडीडटेस ही इंटरव्यू के लिए योग्य पाए गए।

मूल्यांकन में गड़बड़ी साबित नहीं हुई

हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने कहा कि याचिकाकर्ता मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी तरह की स्पष्ट अवैधता या बड़ी गड़बड़ी साबित नहीं कर पाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि विशेषज्ञों द्वारा की गई परीक्षा की जांच में अदालत तभी दखल दे सकती है, जब मूल्यांकन में साफ तौर पर नियमों का उल्लंघन दिखाई दे।

आगे जारी रहेगी भर्ती प्रक्रिया

कोर्ट के फैसले के बाद CGPSC Mains 2025 की आगे की प्रक्रिया जारी रहने का रास्ता साफ हो गया है। 265 पदों के लिए चयनित 608 कैंडीडटेस इंटरव्यू प्रक्रिया में शामिल होंगे। फिलहाल कोर्ट ने पुनर्मूल्यांकन और 1:3 अनुपात के आधार पर अतिरिक्त कैंडीडटेस को इंटरव्यू में बुलाने की मांग को स्वीकार नहीं किया है।

What's your reaction?

Related Posts