अक्टूबर महीने की शुरुआत कई तीज-त्योहार के साथ होती है। इस बार तो अक्टूबर में दशहरा और करवा चौथ के साथ-साथ दीवाली भी पड़ेगी। बता दें कि अगले हफ्ते की शुरुआत में ही शरद पूर्णिमा है। 6 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा की पूजा होगी। इस हर साल अश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को ही मनाया जाता है। इस खास दिन पर चंद्रदेव और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही इस दिन किए गए दान को काफी बड़ा माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन अगर सच्चे मन से दान करते हैं तो मां लक्ष्मी और चंद्रदेव अपनी कृपा बरसाते हैं। अगर आपको शरद पूर्णिमा में किए जाने वाले दान का ज्यादा पता नहीं है तो नीचे विस्तार से समझिए कि आखिर इस दिन क्या-क्या करना है…
दीपदान: शरद पूर्णिमा के दिन दीपदान जरूर करें। अगर आसपास कोई नदी है तो वहां पर दीपदान कर आएं। नहीं तो आप आसपास के मंदिर में दीया जला सकते हैं। माना जाता है कि दीपदान करने से जिंदगी में पॉजिटिव एनर्जी आती है। साथ ही मां लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य की कोई कमी नहीं रहती है।
वस्त्रों का दान: शरद पूर्णिमा पर वस्त्रों का दान करना भी शुभ होता है। जरूरतमंदों को वस्त्र देने से भगवान चंद्रदेव काफी खुश होते हैं। अगर आप सफेद रंग के वस्त्रों का दान करेंगे तो ये बेहद ही शुभ होगा।
मीठी चीजों का दान: शरद पूर्णिमा पर मीठी चीजों का दान करना भी सही माना जाता है। मिश्री, मिठाई और गुड़ का दान करने से जिंदगी में पॉजिटिविटी आती है।
अन्न दान: इस खास दिन पर अन्न दान करने से चंद्रमा और सूर्य दोनों की कृपा मिलती है। कहते हैं कि अन्न के दान से मां अन्नापूर्णा भी खुश होती हैं। साथ ही ऐसा करने से दान करने वालों को आत्मिक और भौतिक लाभ भी मिलता है।
खीर का दान: शरद पूर्णिमा में चंद्रमा की रोशनी के नीचे खीर रखने की परंपरा काफी पुरानी है। कहा जाता है कि ऐसी खीर खाने से शरीर के सारे कष्ट मिट जाते हैं। इस दिन खीर का दान भी बहुत अच्छा माना जाता है।


















