ब्रेकिंग खबरें

धर्म एवं साहित्यराष्ट्रीय

श्रीरामजन्मभूमि के महासचिव चंपत राय ने कहा, 5 जून को अयोध्या न आने की अपील

पांच जून को गंगा दशहरा के दिन श्रीराममंदिर में रामदरबार की प्राण प्रतिष्ठा हो जाएगी, लेकिन रामदरबार के दर्शन अभी श्रद्धालु नहीं कर पाएंगे। इसमें अभी समय लगेगा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने यह जानकारी देते हुए रामभक्तों से प्राण प्रतिष्ठा के दिन अयोध्या न आने की अपील की है। सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी करते हुए उन्होंने कहा कि मौसम को देखते हुए कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही किसी को बुलाया भी नहीं गया है। लोग नियमित रूप से दर्शन करने आ सकेंगे केवल प्राण प्रतिष्ठा के लिए योजना बनाकर न आएं।

श्रीरामजन्मभूमि पर बने भव्य राममंदिर के प्रथम तल पर रामदरबार और परकोटे के छह मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इनमें प्रथम पूज्य श्री गणेश, भगवान शिव, देवी भगवती, हनुमान जी, भगवान सूर्य, देवी अन्नपूर्णा व शेषावतार के विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अनुष्ठान मंगलवार को शुरू होंगे। पांच जून को सुबह साढ़े 11 बजे अभिजित मुहूर्त में रामदरबार समेत आठ मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। आरती होने तक मुख्यमंत्री दोपहर एक बजे तक मंदिर परिसर में रहेंगे। प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान सुबह साढ़े छह बजे से शुरू हो जाएंगे। 101 वैदिक कर्मकांडी कार्यक्रम को संपन्न कराएंगे।

श्रद्धापूर्वक निकाली गई भव्य कलश यात्रा

श्रीराम जन्मभूमि में राम दरबार समेत शेषावतार व परकोटे के छह मंदिरों के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के पहले सोमवार को सरयू तट से मातृ शक्ति के द्वारा भव्य कलश यात्रा श्रद्धापूर्वक निकाली गई। यह कलश यात्रा लता चौक से राम पथ व भक्ति पथ होते हुए हनुमानगढ़ी, दशरथ राजमहल व रंगमहल के रास्ते श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित यज्ञमंडप पहुंची। यहां सरयू के पवित्र जल से यज्ञ स्थल को पवित्र किया गया।

यजमानों के प्रायश्चित कर्म के साथ अनुष्ठान शुरू

राम मंदिर में मंगलवार से शुरू होने तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा उत्सव को लेकर सोमवार को मुख्य यजमानों सहित अन्य मंदिरों के लिए चयनित यजमानों का प्रायश्चित कर्म राम मंदिर परिसर में ही कराया गया। इस प्रायश्चित कर्म के अन्तर्गत दशविधि स्नान, पंचगव्य प्राशन एवं गोदान कराया गया। इसके पहले शारीरिक शुद्धि के लिए मुंडन संस्कार भी कराया गया।

What's your reaction?

Related Posts