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आईटीआर -1 में बदलाव से अग्निवीरों को कर में छूट

नई दिल्ली: आयकर विभाग ने आईटीआर फॉर्म-1 में अहम बदलाव किया है, जिसका सीधा असर अग्निवारों पर होगा. फॉर्म में नया खंड धारा 80सीसीएच को शामिल किया गया है, जिसके जरिए अग्निवीर अपने सेवा निधि कोष पर कर कटौती का लाभ उठा सकते हैं.

विभाग के अनुसार, यह धारा उन व्यक्तियों को कर कटौती का लाभ उठाने की अनुमति देती है, जो अग्निपथ योजना में नामांकन करते हैं और 1 नवंबर 2022 को या उसके बाद अग्निवीर सेवा निधि कोष में राशि जमा करते हैं. इस बदलाव को समायोजित करने के लिए ही आईटीआर फॉर्म-1 को अपडेट किया गया है ताकि करदाता धारा 80सीसीएच के तहत कटौती के लिए पात्र हो सकें.

क्या है सेवा निधि कोष अग्निवीर को अपने मासिक वेतन से 30 फीसदी हिस्सा अग्निवीर सेवा निधि कोष में देना अनिवार्य होता है. केंद्र सरकार भी इसके बराबर की रकम कोष में देती है. सरकार के योगदान को अग्रिवीर की आय माना जाता है. वेतन का हिस्सा मानते हुए इस पर आयकर देना होता है. योजना शुरू होने के वक्त अग्रिवीर सेवा निधि कोष में जमा कराई गई राशि पर कर छूट देने का प्रस्ताव था. चौथे साल के अंत में मिलने वाले वित्तीय पैकेज की भी कर छूट देने का प्रस्ताव था.

नई धारा जोड़ी गई नवंबर 2022 के बाद अग्निवीर सेवा निधि फंड में अग्निवीर और केंद्र सरकार के योगदान पर कर छूट देने के लिए बजट-2023 में आयकर अधिनियम में नई धारा 80सीसीएच को शामिल किया गया है. इसमें यह कहा गया है कि अग्रिवीर और केंद्र सरकार के योगदान पर आयकर रिटर्न दाखिल करते वक्त धारा 80सीसीएच के तहत कर कटौती का दावा किया जा सकता है. चार साल की सेवा पूरी होने पर अग्निवीर को स्कीम में जमा करीब 10.04 लाख रुपये की रकम और ब्याज मिलेगा. इस पर कर छूट ले सकते हैं.

दोनों व्यवस्था में लाभ

धारा 80सीसीएच के तहत मिलने वाले कटौती की इजाजत नई और पुरानी दोनों कर व्यवस्थाओं में होगी. यह इजाजत धारा 115बीएसी के तहत होगी. वित्त वर्ष 2023-24 और आगे के वित्त वर्ष के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करते समय अग्निवीर धारा 80सीसीएच के तहत कर कटौती का लाभ उठा सकते हैं.

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