रायपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत पात्र परिवारों को आवास सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिक निगम ने सोमवार, 8 सितंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। नगर निगम के मुख्यालय भवन महात्मा गांधी सदन के चतुर्थ तल पर आयोजित इस बैठक में सीएससी, चॉइस सेंटर और मोजस्क जनसुविधा केंद्र संचालकों को आवेदनों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
बैठक में नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आवेदनों के साथ जमा किए जाने वाले भूमि दस्तावेज स्पष्ट, सही और पूर्ण होने चाहिए। सभी दस्तावेज पठनीय रूप से अपलोड किए जाने चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि कुछ केंद्रों से अपूर्ण और गलत दस्तावेज अपलोड किए जा रहे हैं, साथ ही लाभार्थियों के पते भी सही दर्ज नहीं हो रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी त्रुटियां पाए जाने पर संबंधित केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महापौर और आयुक्त ने दी हिदायत
रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा, “प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को आवास उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी को मिलकर जिम्मेदारी से काम करना होगा।” वहीं, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने जोर देकर कहा कि आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता और शुद्धता अनिवार्य है। उन्होंने सभी केंद्र संचालकों से लाभार्थियों की सहायता गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ करने की अपील की।
बैठक में संचालकों को समयबद्धता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यह कदम योजना के तहत पात्र लाभार्थियों तक आवास की सुविधा सुचारू रूप से पहुंचाने के लिए उठाया गया है, ताकि किसी भी तरह की त्रुटि या देरी से बचा जा सके।


















