Train Cancle: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्योहार तीज से ठीक पहले रेलवे ने यात्रियों को बड़ा झटका दिया है। उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते 13 और 14 सितंबर को रायपुर मंडल की 12 लोकल ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इनमें 10 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी, जबकि दो ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द कर बिलासपुर से ही समाप्त और प्रारंभ किया जाएगा। त्योहार के समय ट्रेनों के अचानक रद्द होने से खासकर छोटे स्टेशनों और हॉल्ट से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
तीज पर्व पर बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार अपने मायके व रिश्तेदारों के घर पहुंचते हैं। ऐसे समय में यात्रियों की आवाजाही बढ़ने के कारण बसों और निजी वाहनों पर भी दबाव रहता है। लोकल और मेमू ट्रेनें छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों के लिए सस्ता और सुविधाजनक Travel Option हैं। ऐसे में इनके रद्द होने से लोगों को महंगे निजी वाहनों या भीड़भरी बसों का सहारा लेना पड़ सकता है।
बड़े रेलवे स्टेशनों से एक्सप्रेस ट्रेनों का विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद छोटे स्टेशनों के यात्रियों के लिए स्थिति ज्यादा परेशानी वाली है। कई स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनें रुकती ही नहीं हैं। ऐसे में लोकल ट्रेनें ही उनकी नियमित Lifeline हैं। त्योहार के ठीक पहले परिचालन प्रभावित होने से यात्रियों का Travel Plan बिगड़ गया है।
13 सितंबर को ये ट्रेनें रहेंगी प्रभावित
रेलवे के अनुसार 13 सितंबर को 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर, 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर, 68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर, 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर, 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर, 58205 रायपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी पैसेंजर और 68746 रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेंगी।
इसके अलावा 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू बिलासपुर में ही समाप्त होगी। वहीं 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू बिलासपुर से प्रारंभ होगी। गोंदिया से बिलासपुर के बीच इसका परिचालन रद्द रहेगा।
14 सितंबर को भी तीन ट्रेनें रद्द
14 सितंबर को 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर, 58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-रायपुर पैसेंजर और 68745 गेवरा रोड-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी। त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों के सफर करने की संभावना के बीच लोकल ट्रेनों के रद्द होने से Passenger Rush बढ़ने की आशंका है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे को अधोसंरचना कार्यों के लिए ट्रेनों के परिचालन में बदलाव करना है तो इसकी जानकारी समय रहते दी जानी चाहिए, ताकि लोग वैकल्पिक साधनों की व्यवस्था कर सकें। अचानक लिए गए इस फैसले से यात्रियों की परेशानी और खर्च दोनों बढ़ेंगे।


















