रायपुर। राजधानी में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एण्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने 3Stumps सट्टा एप के प्रमोशन में मोबाइल नंबर और बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य) उमेश प्रसाद गुप्ता के संयुक्त मॉनिटरिंग में की गई।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में महासमुंद निवासी संदीप इसरानी उर्फ गोलू (40 वर्ष) और मनसून रजा (23 वर्ष) शामिल हैं। दोनों आरोपी सट्टा नेटवर्क के मास्टरमाइंड बाबू उर्फ गुलशन खेमानी के लिए काम कर रहे थे और अवैध सट्टे से अर्जित रकम को अपने बैंक खातों में लेकर बाद में वापस ट्रांसफर करते थे। इसके बदले उन्हें कमीशन दिया जाता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से छलपूर्वक मोबाइल नंबर और बैंक खाते हासिल कर उन्हें सट्टा एप के पैनल में इस्तेमाल करते थे। इन नंबरों का उपयोग कॉल सेंटर के रूप में किया जा रहा था, जहां से ऑनलाइन सट्टा संचालन किया जाता था।
गौरतलब है कि इस मामले में मुख्य आरोपी बाबू खेमानी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। 13 अप्रैल 2026 को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सहित कुल 27 आरोपियों को पकड़ा था और करीब 1.20 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त किया था, जिसमें लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, वाहन और अन्य उपकरण शामिल थे।
नवीनतम गिरफ्तारी के साथ इस प्रकरण में कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। साथ ही, मामले में फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के तहत म्यूल बैंक खातों की जांच जारी है, जिसमें करोड़ों रुपये के लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।
आरोपियों के खिलाफ थाना गंज में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 एवं 112(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद से अब तक ऑनलाइन सट्टा मामलों में 14 प्रकरण दर्ज कर 71 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनसे लगभग 2.98 करोड़ रुपये मूल्य की नगदी, मोबाइल, लैपटॉप और वाहन सहित अन्य सामान जब्त किया गया है।




















