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राम चरण की Peddi की रिलीज डेट का ऐलान, जून में मनेगा सिनेमाई जश्न, इधर मायत्री मूवी मेकर्स और थिएटर मालिकों के बीच ठनी

हैदराबाद। टॉलीवुड मेगास्टार राम चरण और जान्हवी कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म पेद्दी‘ (Peddi) की रिलीज डेट आधिकारिक तौर पर घोषित कर दी गई है। बुच्ची बाबू सना के निर्देशन में बन रही यह स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा 4 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। आईपीएल (IPL) के ठीक बाद के इस ‘लुक्रेविट विंडो’ का फायदा फिल्म को मिलने की उम्मीद है। एशियन सिनेमाज और SVC एंटरटेनमेंट जैसे बड़े समूहों द्वारा ‘जेटली’ की स्क्रीनिंग न करने से फिल्म की पहुंच सीमित हो गई है। अब देखना यह होगा कि ‘पेद्दी’ की रिलीज से पहले क्या प्रोड्यूसर्स और थिएटर मालिकों के बीच यह गतिरोध सुलझ पाता है या नहीं।

पेद्दी पहलवानके रूप में राम चरण का नया अवतार

फिल्म में राम चरण एक पहलवान की भूमिका में नजर आएंगे, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर पहले ही काफी ‘बज’ बना हुआ है। शुरुआत में इस फिल्म को राम चरण के जन्मदिन (27 मार्च) पर रिलीज करने की योजना थी, लेकिन निर्माण कार्यों में देरी के कारण अब इसे जून में शिफ्ट किया गया है।

  • स्टार कास्ट: राम चरण, जान्हवी कपूर, शिवा राजकुमार, जगपति बाबू और दिव्येंदु शर्मा।
  • संगीत: ऑस्कर विजेता ए.आर. रहमान।
  • प्रोडक्शन: वृद्धि सिनेमाज, मायत्री मूवी मेकर्स और सुकुमार राइटिंग्स।

विवाद: फिल्म जेटली‘ (Jetlee) को लेकर आमने-सामने निर्माता और थिएटर मालिक

एक ओर जहाँ ‘पेद्दी’ की घोषणा से खुशी का माहौल है, वहीं दूसरी ओर इसके को-प्रोड्यूसर मायत्री मूवी मेकर्स और तेलंगाना के थिएटर मालिकों के बीच गंभीर विवाद खड़ा हो गया है।

क्या है पूरा मामला? मायत्री मूवी मेकर्स की हालिया रिलीज जेटली को सिंगल-स्क्रीन थिएटर मालिकों द्वारा कथित तौर पर ‘बॉयकॉट’ किए जाने की खबर है। स्थिति तब और बिगड़ गई जब मल्टीप्लेक्स चेन्स पर भी फिल्म की स्क्रीनिंग न करने का दबाव बनाने के आरोप लगे।

  • बॉक्स ऑफिस पर असर: विवाद के कारण ‘जेटली’ की कमाई पर बुरा असर पड़ा है, जिसने पहले दिन केवल 60 लाख रुपये का कारोबार किया।

यह बातचीत नहीं, हाथ मरोड़ने जैसी जबरदस्ती है”: मायत्री मूवी मेकर्स

मायत्री मूवी डिस्ट्रीब्यूटर्स के प्रतिनिधि केथीरेड्डी शशिधर ने एक कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि तेलंगाना के सिंगल-स्क्रीन थिएटरों के साथ रेंटल और रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल को लेकर विवाद चल रहा है, लेकिन उन्होंने मल्टीप्लेक्स में फिल्म रोकने को गलत बताया।

कुछ खास बातें

  1. मल्टीप्लेक्स में रुकावट गलत: शशिधर ने कहा कि जब मल्टीप्लेक्स के साथ कोई विवाद नहीं है, तो सिंगल-स्क्रीन के मुद्दे को लेकर वहां फिल्म रोकना सरासर नाइंसाफी है।
  2. दबाव की राजनीति: उन्होंने इसे ‘आर्म-ट्विस्टिंग’ (जबरदस्ती) करार देते हुए कहा कि एक व्यापारिक मुद्दे को दूसरे पर थोपने के लिए मल्टीप्लेक्स स्क्रीन का इस्तेमाल ‘लीवरेज’ के रूप में किया जा रहा है।
  3. विवाद की जड़: तेलंगाना फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स (TFCC) प्रतिशत-आधारित रेवेन्यू मॉडल चाहती है, जबकि मायत्री रेंटल सिस्टम का समर्थन कर रही है।

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