पश्चिम बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने फिलहाल स्थिति साफ नहीं की है। वहीं, संभानवाएं जताई जा रही हैं कि 9 मई को यानी रविंद्र नाथ टैगोर की जयंती पर शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। हालांकि, इसे लेकर भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अभी कई नेताओं के नामों की चर्चा है और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भाजपा विधायकों की बैठक के लिए जल्द ही राजधानी कोलकाता पहुंच सकते हैं।
कौन होगा बंगाल का CM
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कह चुके हैं कि बंगाल का सीएम बंगाली ही बनेगा। उन्होंने अप्रैल में कहा था, ‘मैं जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि अगला मुख्यमंत्री बंगाल में जन्म लिया और यहीं पर शिक्षा हासिल किया हुआ होगा, बंगाली बोलता होगा।’ अटकलें ये भी हैं कि भाजपा राज्य की कमान किसी महिला नेता को सौंप सकती है, लेकिन इसे लेकर आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।
चर्चा में ये चार नाम
फिलहाल, चार नामों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। इनमें शुभेंदु अधिकारी, शमिक भट्टाचार्य, उत्पल ब्रह्मचारराव और स्वप्न दासगुप्ता का नाम शामिल है। इसके अलावा दिलीप घोष के नाम की भी चर्चाएं हैं।
सबसे आगे शुभेंदु अधिकारी!
कहा जा रहा है कि इस रेस में सबसे आगे अधिकारी चल रहे हैं। इसकी बड़ी वजह उनका एकमात्र ऐसा भाजपा उम्मीदवार होना बताया जा रहा है, जो 2 सीटों से चुनाव लड़े और जीते भी। वहीं, एक अन्य वजह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगातार 2 बार उन्हीं के गढ़ में हराना है। हालांकि, वह खुद यह फैसला केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ते नजर आ रहे हैं।
एक और बड़ी वजह
टेलीग्राफ से बातचीत में भाजपा के एक नेता ने कहा, ‘अमित शाह शुभेंदु दा के साथ नामांकन में गए थे। वहीं थे जिन्होंने ममता के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा। इस बात की संभावनाएं हैं कि पार्टी उनका चुनाव कर सकती है। उनकी इस तगड़ी जीत के बाद शुभेंदु दा को शीर्ष पद के लिए नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।’
अन्य नेताओं के क्या हाल
पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य को लेकर कहा जा रहा है कि उनकी छवि शिक्षित मध्यम वर्गीय बंगाली की है। रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा नेता स्वीकार कर रहे हैं कि भट्टाचार्य ने प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद बड़ी भूमिका निभाई है। एक नेता ने कहा कि उन्होंने भाजपा दिग्गज सुनील बंसल के नेतृत्व में संगठन में कई बड़े बदलाव किए हैं।
रेस में तीसरा नाम RSS यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के बड़े चेहरे उत्पल ब्रह्मचारराव का है। उन्हें उत्पल महाराज के नाम से भई जाना जाता है। वह कालीगंज विधानसभा सीट से मैदान में थे और 76 हजार के बड़े अंतर से विजयी हुए हैं। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि महाराज ने हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई है।
रासबिहारी से जीत दर्ज करने वाले दासगुप्ता भी इस रेस में शामिल माने जा रहे हैं। इसकी वजह उनका उच्च शिक्षित बैकग्राउंड है। वह पत्रकार, लेखक और स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज से पीएचडी हासिल कर चुके हैं।
कब हो सकता है विधायक दल के नेता का चुनाव
रिपोर्ट के मुताबिक, राजनाथ सिंह मंगलवार या बुधवार को कोलकाता पहुंच सकते हैं और भाजपा विधायकों के साथ बैठक कर सकते हैं। हालांकि, उनकी यात्रा को लेकर भाजपा ने जानकारी साझा नहीं की है। सोमवार को घोषित हुए नतीजों में भाजपा ने 206 सीटों पर जीत दर्ज कर ली थी। जबकि, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस 80 पर ही सिमट गई थी।



















