रायपुर. श्री राम जन्मभूमि अयोध्या से श्री रामहर्षण मैथिल सख्य पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी वल्लभाचार्य सीएम साय से को एक विशेष आमंत्रण देने रायपुर पहुंचे हैं. रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कहा कि अयोध्या में एक विशाल 51 कुण्डीय श्री राम महायज्ञ होने जा रहा है. इसमें सम्पूर्ण भारत के कोने-कोने से महापुरुष पधारेंगे. और छत्तीसगढ़ राज्य भगवान राम का ननिहाल है, अयोध्या की महारानी माता कौशल्या का मायका है. श्रीराम के मामा पक्ष से भी लोगों को भी सम्मिलित होना चाहिए. इसलिए वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस महायज्ञ में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित करने रायपुर आये हैं. उनके पधारने से भगवान राम को भी यह लगेगा कि मेरे मामा पक्ष के भी लोग भी आए हुए हैं.

रामनगरी में पहली बार एक साथ 501 रामार्चा महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा. इसके साथ ही 51 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ का भी आयोजन किया जाएगा. यह आयोजन पांच अक्तूबर से लेकर 14 अक्तूबर तक चलेगा. श्री राम हर्षण मैथिल सख्य पीठ चारु शिला मंदिर जानकी घाट के पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी वल्लभाचार्य के सानिध्य में आयोजित महायज्ञ के मंडप निर्माण के लिए भूमि पूजन कर लिया गया है. मणि राम छावनी महंत कमलनयन दास की अध्यक्षता में संत-महंतो ने पूजन के साथ आधार शिला रखी. इस अवसर पर जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी वल्लभाचार्य ने बताया कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ दादा गुरु स्वामी राम हर्षण दास महाराज के द्वारा शुरू कराए गए श्रीराम मंत्र अनुष्ठान के 25 साल पूरे होने पर रजत जयंती समारोह के दृष्टिगत किया गया है.
धर्मांतरण पर पूर्ण रोक लगानी चाहिए : स्वामी वल्लभाचार्य
धर्मांतरण को लेकर कहा कि मूल कारण यह है कि अभी काफी अशिक्षित समाज है. इसलिए लोगों को हिन्दू धर्म को लेकर ज्ञान नहीं हो पाया है. वहीं कुछ मिशनरीयां काम कर रही हैं जो निरंतर धर्मांतरण कराने में लगी हुई हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति अपने घर (मूल धर्म) से बिछड़ जाता है, उसे जीवन में कभी सुख-शांति नहीं मिलती. इसलिये कहा जाता है कि सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते. जो लोग धर्मांतरण कर चुके हैं, उन्हें वापिस अपने मूल धर्म में वापसी करनी चाहिए. इसपर पूर्ण रोक लगनी चाहिए और राष्ट्रीय स्तर पर सरकार को मजबूती से कार्य करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हिन्दुओं को हिन्दुत्व में ही स्थापित रहना चाहिए.



















