रायपुर। रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के मुख्य मास्टरमाइंड विकास नरेंद्र शुक्ला को महाराष्ट्र के शोलापुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी मूलतः अहमदाबाद (गुजरात) का निवासी है और लंबे समय से फरार चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, 25 मार्च 2026 को इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन के तहत रायपुर में अवैध कॉल सेंटरों पर एक साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की गई थी। इस दौरान अलग-अलग तीन कॉल सेंटरों से सुपरवाइजर समेत कुल 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन विकास शुक्ला कर रहा था, जिसके बाद उसकी तलाश में गुजरात, गोवा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में लगातार दबिश दी जा रही थी। आखिरकार पुलिस टीम ने उसे शोलापुर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों के साथ डार्क वेब के जरिए अमेरिकी नागरिकों का डेटा हासिल करता था। इसके बाद कॉल सेंटर के माध्यम से लोन और क्रेडिट स्कोर सुधारने के नाम पर लोगों को झांसा देकर गिफ्ट कार्ड्स के जरिए पैसे वसूले जाते थे। जो लोग भुगतान नहीं करते थे, उन्हें फर्जी वारंट और नोटिस भेजकर डराया जाता था।
ठगी से प्राप्त रकम को ‘प्रोसेसिंग चैनल’ के माध्यम से यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) से भारतीय मुद्रा में बदला जाता था और फिर नेटवर्क में शामिल लोगों के बीच बांट दिया जाता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 4 मोबाइल फोन, 4 एटीएम कार्ड और 1 पैन कार्ड जब्त किया है। आरोपी पूर्व में वर्ष 2019 में पुणे में भी अवैध कॉल सेंटर संचालन कर ठगी के मामले में जेल जा चुका है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला, डीसीपी (मध्य) उमेश प्रसाद गुप्ता और डीसीपी (पश्चिम) संदीप पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, थाना गंज और थाना न्यू राजेंद्र नगर की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।




















