रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं के कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सात प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए हैं। इन समझौतों के तहत प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एमओयू करने वाली प्रमुख संस्थाओं में नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नेस्कॉम), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई), आईआईटी मद्रास, लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज (मलेशिया), कंसल्टिंग एंड एकेडमिक सर्विसेस (ब्रुसेल्स, बेल्जियम) तथा इंटर्निवेर्सिटेयर माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक सेंटर (आईएमईसी, बेल्जियम) शामिल हैं।
सॉफ्ट स्किल्स से लेकर डिजिटल टेक्नोलॉजी तक प्रशिक्षण
मई 2025 में नंदी फाउंडेशन के साथ हुए समझौते के तहत शासकीय महाविद्यालयों में 40 घंटे का सॉफ्ट स्किल्स और कम्युनिकेशन स्किल्स प्रशिक्षण दिया जाएगा। पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा और प्लेसमेंट में सहयोग मिलेगा।
जनवरी 2025 में एनएसई के साथ हुई साझेदारी के तहत बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र में 20 से 30 घंटे के चरणबद्ध प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों को प्रमाणन दिया जाएगा।
मार्च 2025 में नेस्कॉम के साथ हुए समझौते के तहत ‘फ्यूचर स्किल प्राइम’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसमें डिजिटल फ्लुएंसी, एआई, आईटी और अपस्किलिंग से जुड़े प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। वर्तमान में यह कार्यक्रम 40 महाविद्यालयों में संचालित है और जल्द ही सभी शासकीय महाविद्यालयों में लागू किया जाएगा।
आईआईटी मद्रास और विदेशी विश्वविद्यालयों से साझेदारी
फरवरी 2026 में आईआईटी मद्रास के साथ हुए एमओयू के तहत उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन व ब्लेंडेड कोर्स तथा क्रेडिट लिंक्ड कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे ‘अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ के अंतर्गत क्रेडिट ट्रांसफर को बढ़ावा मिलेगा।
मलेशिया की लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज के साथ हुए समझौते से छात्र-शिक्षक विनिमय, संयुक्त शोध और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर के अवसर मिलेंगे। वहीं बेल्जियम की संस्थाओं के साथ साझेदारी से यूरोपीय विश्वविद्यालयों के साथ रणनीतिक सहयोग और वैश्विक स्तर पर प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध होंगे।
आईएमईसी बेल्जियम के साथ हुए एमओयू के तहत सेमीकंडक्टर, वीएलएसआई, चिप डिजाइन, एआई, साइबर सुरक्षा और डिजिटल तकनीकों में उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कौशल विकास व उच्च शिक्षा विभाग के सचिव एस. भारती दासन ने बताया कि इन एमओयू का क्रियान्वयन प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शासकीय महाविद्यालयों में शुरू हो चुका है, जिससे युवाओं को रोजगारोन्मुखी और वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण मिल सकेगा।


















