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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: आरोपियों ने करोड़ों की चोरी कबूली, बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन; अनिल मिश्रा का नाम फिर सामने

लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। कोर्ट की अनुमति के बाद मंगलवार को जेल में बंद आरोपियों से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने करोड़ों रुपये के चढ़ावे की चोरी किए जाने की बात स्वीकार की है। साथ ही जांच एजेंसियों को आरोपियों के बैंक खातों में उनकी आय से कहीं अधिक रकम के लेनदेन के प्रमाण भी मिले हैं।

जांच में सामने आया कि बीते एक वर्ष के दौरान आरोपियों के खातों में करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ। एसआईटी और पुलिस ने बैंक खातों के विवरण को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया है।

पूछताछ के दौरान चंपत राय के करीबी बताए जा रहे टिन्नू यादव, गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव, गणनाकर्मी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश और अवनीश शुक्ला से अलग-अलग पूछताछ की गई। इस दौरान ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा का नाम एक बार फिर सामने आया। आरोप है कि दान राशि की गणना प्रक्रिया में उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी। ऐसे में जांच एजेंसियां उनसे भी जल्द पूछताछ कर सकती हैं।

सीसीटीवी निगरानी सिर्फ औपचारिक, बाथरूम में छिपाई जाती थी रकम

सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद निगरानी केवल औपचारिक रूप से की जाती थी। उन्हें कैमरों की लोकेशन की पूरी जानकारी थी, जिससे वे कैमरों की नजर से बचकर नकदी निकालते थे। चोरी की गई रकम पहले बाथरूम में छिपाई जाती और बाद में बाहर ले जाई जाती थी। आरोपियों का दावा है कि पदाधिकारियों के करीबी होने के कारण उनकी कभी तलाशी नहीं ली जाती थी।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को अयोध्या पहुंचने से पहले रोका

इधर, मामले को लेकर कांग्रेस का नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल श्रीराम मंदिर जाने के लिए निकला था, लेकिन प्रशासन ने उन्हें अयोध्या पहुंचने से पहले ही रोक दिया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित सभी नेताओं को कुमारगंज कृषि विश्वविद्यालय परिसर में नजरबंद कर दिया गया।

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