दुर्ग। फर्जी जाति और निवास प्रमाण पत्र के आधार पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में नौकरी हासिल करने वाले पूर्व आरक्षक के खिलाफ उतई थाना पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। आरोपी की पहचान जीडी मोहित के रूप में हुई है। मामले में निरीक्षक प्रार्थी कुमार अनीश की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3) और 340(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। Also Read: Chhattisgarh News: पुराने निरस्त आदेश की तारीख से वरिष्ठता का दावा नहीं: हाईकोर्ट

पुलिस के अनुसार, SSC GD भर्ती-2025 के तहत आरक्षक पद पर चयन के लिए मोहित ने भोपाल के भेल ग्राउंड में आयोजित भर्ती प्रक्रिया के दौरान जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे। शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET), शारीरिक मानक परीक्षा (PST) और मेडिकल टेस्ट में सफल होने के बाद उसे बुनियादी प्रशिक्षण के लिए CISF RTC भिलाई (उतई) भेजा गया था।
प्रशिक्षण के दौरान दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। जांच में तहसीलदार, लालबर्रा (जिला बालाघाट, मध्य प्रदेश) कार्यालय से जारी बताया गया निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। वहीं जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन कराने पर वह भी फर्जी निकला।
दस्तावेज फर्जी मिलने की पुष्टि होने के बाद CISF ने मोहित की सेवा समाप्त कर दी। इसके बाद मामले की जानकारी उतई थाना पुलिस को दी गई, जिस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर सरकारी नौकरी प्राप्त करने के आरोप में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

















