रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर को “पीपल सिटी” के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू किया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि शहर में पहले से लगाए जा चुके करीब 70 हजार पीपल के पौधों के अलावा अगले पांच वर्षों में एक लाख से अधिक नए पीपल के पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही सेंध लेक के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
रविवार को रायपुर के वीआईपी रोड स्थित एक निजी होटल में आयोजित मानसून-2026 के दौरान औद्योगिक इकाइयों के वृक्षारोपण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में मंत्री चौधरी ने कहा कि सेंध लेक के गहरीकरण से लगभग 12 लाख घन मीटर अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता विकसित होगी और झील का क्षेत्रफल भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि झील के बीच स्थित लगभग तीन एकड़ के द्वीप पर मियावाकी पद्धति से 25 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं, जिससे प्रवासी पक्षियों के लिए प्राकृतिक बर्ड आईलैंड विकसित किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पौधरोपण करना नहीं, बल्कि पौधों का संरक्षण और उन्हें जीवित रखना है। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों से अपने परिसर में कम से कम 33 प्रतिशत क्षेत्र को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने और प्रति हेक्टेयर न्यूनतम 2,500 पौधे लगाने का आग्रह किया। उन्होंने पीपल, नीम, शिरीष, आम और कटहल जैसी स्थानीय एवं दीर्घायु प्रजातियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है, लेकिन पर्यावरणीय मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल और सुरक्षित पर्यावरण भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारी साझा जिम्मेदारी है।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजू अगसिमनी ने उद्योगों को निर्देश दिए कि वे त्रि-स्तरीय हरित पट्टी विकसित करें, केवल स्वीकृत प्रजातियों के पौधे लगाएं तथा सिंचाई के लिए पुनर्चक्रित जल का उपयोग करें। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत हिस्से में हरित क्षेत्र विकसित करने के निर्देश दिए।
आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद ने बताया कि इस वर्ष अब तक लगभग 22 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का करीब 90 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 25 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे उद्योगों की सक्रिय भागीदारी से 30 लाख से अधिक तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों से 31 जुलाई तक वृक्षारोपण का लक्ष्य पूरा करने और 15 अगस्त तक पौधों के गुणवत्तापूर्ण संरक्षण को सुनिश्चित करने की अपील की।


















