रायपुर। छत्तीसगढ़ में जुलाई के दूसरे सप्ताह में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले कई दिनों से प्रभावी बारिश नहीं होने के कारण उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन में तेज धूप और रात में चिपचिपी गर्मी से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वास्तविक तापमान की तुलना में लोगों को 5 से 10 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्मी का अहसास हो रहा है।
बारिश की कमी का असर कृषि पर भी दिखने लगा है। खेतों की नमी कम होने लगी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रदेशभर में अब अच्छी बारिश की उम्मीद के साथ लोगों की नजरें आसमान पर टिकी हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 11 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में 252.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 320.6 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक 21 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
रविवार को प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि बिलासपुर में 33.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रारोड में दर्ज किया गया। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण गर्मी और उमस का असर बना हुआ है।
अगले 24 घंटे का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
दो मौसमी सिस्टम सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में दो प्रमुख मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। पहला, पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि दूसरा सिस्टम उत्तर-पश्चिम बिहार और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। इन दोनों प्रणालियों के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं मध्य भारत और छत्तीसगढ़ की ओर आ रही हैं, जिससे प्रदेश में बादल बनने की प्रक्रिया जारी है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 जुलाई से इन मौसमी सिस्टमों का प्रभाव और बढ़ सकता है, जिससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इससे किसानों और आम लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।


















