संसद में मॉनसून सत्र के दूसरे दिन NDA सांसदों की ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रीजीजू ने बताया है कि इस बैठक में पीएम मोदी ने पेपर लीक के मुद्दे पर भी बात रखी। किरन रिजीजू ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान यह साफ किया है कि हालिया NEET परीक्षा में हुए पेपर लीक के दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि पेपर लीक को रोकना महज केंद्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी राज्यों की सरकारों और दलों को एक साथ मिलकर इससे लड़ना होगा। इससे पहले पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधारों की मांग को लेकर सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
केंद्रीय मंत्री रिजीजू ने बताया कि नीट परीक्षा को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की खबर सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, इसलिए नीट की दोबारा परीक्षा को भी प्राथमिकता दी गई। रिजीजू ने कहा, “नीट की परीक्षा के बारे में पीएम मोदी जी ने कहा है कि जब पेपर लीक की खबर आई, तुरंत सरकार ने कार्रवाई की और 13 लोगों को जेल में डाला गया। साथ ही छात्रों के भविष्य को नुकसान न हो इसीलिए नीट के रिएग्जाम को प्राथमिकता दिया गया और उसे सफलतापूर्वक पूरा कराया गया।”
‘फिर ना हो ऐसी घटनाएं…’
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि दोबारा पेपर लीक न हो इसके लिए सख्ती से कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी जी ने अपील भी की है कि इन लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए और इसके लिए टॉप से टॉप वकीलों को आगे आना चाहिए ताकि आगे पेपर लीक जैसी घटनाएं ना हो।”
किरन रीजीजू ने बताया कि पीएम मोदी ने कहा है कि पेपर लीक सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं है। उन्होंने बताया, “प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि पेपर लीक सिर्फ एक राज्य का या सिर्फ केंद्र सरकार का मामला नहीं है। पूरे देश में जहां जहां पेपर लीक हुए हैं और जो लोग भी पेपर लीक के धंधे में शामिल हैं उनको सजा दिलाने के लिए सभी दलों को एकजुट होना चाहिए। ये राजनीति का विषय नहीं है। ये पूरे देश का विषय है।…”
हिंसक प्रदर्शन के बाद CJP से मिली सरकार
गौरतलब है कि सोमवार को हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक के मुद्दे पर विरोध जताते हुए संसद मार्च में हिस्सा लिया। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस को प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। सुरक्षा में तैनात हजारों पुलिसकर्मियों के घेरे को तोड़ भीड़ संसद भवन के पास तक पहुंच गई थी। पुलिस ने उन्हें तितर बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागें।
इससे पहले नीट पेपर लीक के बाद खुदकुशी करने वाले बच्चों के परिवार को मुआवजा देने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सैकड़ों युवा बीते जून महीने से ही दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दे रहे हैं। ये प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में आयोजित किया जा रहा है जहां मशहूर पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल भी शुरू की थी। कल हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है जिसके बाद वांगचुक ने 23 दिनों बाद अपना अनशन तोड़ा है। हालांकि उन्होंने कहा है कि मांग पूरा न होने तक वे अब दोबारा अनशन करेंगे।


















