नई दिल्ली। वरिष्ठ समाजसेवक अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि छात्रों के साथ संवाद के सहारे निपटना चाहिए. उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाने के बजाय संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान किया जाए.
छात्रों के आंदोलन के समर्थन में अन्ना हजारे कल सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक अहिल्यानगर के वाडिया पार्क स्थित गांधी स्मारक पर दो घंटे का मौन आंदोलन करेंगे.
यह चिट्ठी जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई पर चिंता जाहिर करने के लिए लिखा गया है. इस चिट्ठी में अन्ना हजारे ने नीट 2024 परीक्षा में पेपर लीक और गंभीर अनियमितताओं का जिक्र किया है, जिससे 22 लाख विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं.

जवाबदेही तय होनी चाहिए: अन्ना हजारे
अन्ना ने कहा कि छात्र पिछले 25 दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. अन्ना ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि गड़बड़ियों की जिम्मेदारी केवल निचले अधिकारियों पर डालना उचित नहीं है, बल्कि मंत्री स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए.
इसके अलावा, पत्र में सोनम वांगचुक को उनके अनशन स्थल से बिना किसी बातचीत के हटाए जाने की भी निंदा की गई है. उन्होंने प्रधानमंत्री से निवेदन किया है कि वे जनता की आवाज को विरोधियों की आवाज न मानें और आंदोलनकारियों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें.


















