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कल से शुरू होगी देवशयनी एकादशी तिथि, जानें व्रत का शुभ मुहूर्त, पारण समय और नियम

हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी बहुत खास मानी गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु योगनिद्रा में जाते हैं। इस दिन से चातुर्मास प्रारंभ होता है। एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने और कुछ चीजों का दान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सुख-शांति और आर्थिक खुशहाली आती है। शास्त्रों और पद्मपुराण के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन पूर्ण फल की प्राप्ति के लिए व्रत नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है। एकादशी तिथि 24 जुलाई को सुबह 5 बजकर 42 मिनट पर पर प्रारंभ हो जाएगी, जिसका समापन अगले दिन होगा। एकादशी तिथि के कारण देवशयनी एकादशी व्रत की तारीख को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति है। अगर आप भी देवशयनी एकादशी व्रत रखने वाले हैं, तो जानें किस दिन रखा जाएगा व्रत और कब करें पारण और व्रत के 5 जरूरी नियम।

देवशयनी एकादशी व्रत किस दिन है:

पंचांग के अनुसार, देवशयनी एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जुलाई 2026 को सुबह 05 बजकर 42 मिनट पर होगी। एकादशी तिथि का समापन 26 जुलाई को सुबह 08 बजकर 04 मिनट पर होगा। उदया तिथि में देवशयनी एकादशी व्रत का मान्य 25 जुलाई 2026, शनिवार को रहेगा।

देवशयनी एकादशी व्रत पारण कब और किस समय करें:

देवशयनी एकादशी व्रत का पारण 26 जुलाई 2026, रविवार को किया जाएगा। व्रत पारण का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 16 मिनट से सुबह 09 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि द्वादशी तिथि में व्रत का पारण नहीं करने से पाप लगता है। पारण के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय सुबह 10 बजकर 27 मिनट है।

देवशयनी एकादशी व्रत के 5 जरूरी नियम-

1. देवशयनी एकादशी के दिन व्रत रखने वाले मनुष्य को सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करना चाहिए। स्वच्छ और साफ वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु का ध्यान लगाते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए।

2. भगवान विष्णु को इस दिन पूजा के समय पीले रंग के पुष्प, हल्दी, चंदन, पंचामृत और तुलसी दल आदि अर्पित करना चाहिए। इस दिन मां लक्ष्मी की भी पूजा का विधान है।

3. देवशयनी एकादशी व्रत के दिन निर्जला या फलाहार व्रत करना चाहिए। इस दिन सात्विक चीजों का ही सेवन करें। यह व्रत सिर्फ भगवान विष्णु की उपासना नहीं बल्कि इंद्रियों और मन का संयम भी है।

4. एकादशी व्रत के दिन गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी सामर्थ्यनुसार दान करना चाहिए। इस दिन आप अन्न, जल, धन और वस्त्र आदि का दान कर सकते हैं।

5. एकादशी व्रत में अपशब्द नहीं बोलने चाहिए। किसी का अपमान भी नहीं करना चाहिए। इस दिन गुस्सा और क्रोध से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

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