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तेंदूपत्ता बोनस में 8 करोड़ की हेराफेरी का आरोप

रायपुर. प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को दिए जाने वाले बोनस में 8 करोड़ 21 लाख रुपए की हेराफेरी हो गई. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने यह खुलासा करते हुए वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाते हुए राज्यपाल रमेन डेका को पत्र भेजा है. उन्होंने 2021 और 2022 में वनवासी संग्राहक परिवारों को दी जाने वाली राशि में 8 करोड़ रुपए के गबन के आरोप लगाते हुए सिलसिलेवार ब्यौरा दिया. उन्होंने कहा कि सुकमा वनमंडल की सभी 25 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों और वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा घोटाला किया गया लेकिन अब तक केवल एक अधिकारी का निलंबन और गिरफ्तारी की गई है.

नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने राज्यपाल को भेजे पत्र में कहा कि सभी आरोपियों के विरुद्ध तत्काल आपराधिक कृत्यों के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करने राज्य सरकार को निर्देश दें. तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बोनस की राशि 8,21,89,273 रुपए का गबन किया गया है. उन्होंने कहा कि सुकमा वनमंडल के 67,732 आदिवासी परिवारों को तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2021 के लिए 4,51,50,388 रुपए और 2022 के लिए 3,70,38,885 रुपए, कुल राशि 8,21,89,273 रुपए का नगद वितरण एक साथ वर्ष 2023-24 में किया जाना था. इसके लिए राशि डीएफओ को भेजी गई लेकिन नियमों और पात्रता के अनुसार संग्राहकों को वितरण नहीं किया गया. वहीं प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के पोषक अधिकारी प्रबंधक, डीएफओ द्वारा मिलकर आपराधिक षड्यंत्रपूर्वक गबन कर लिया गया. लघु वनोपज संघ और विभाग को अवगत करा दिया कि वर्ष 2024-25 में शत प्रतिशत बोनस वितरण कर दिया गया है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सतर्कता और शिकायतों की जांच में बोनस वितरण नहीं करना पाया गया. तब छापेमारी कर सिर्फ एक अफसर को ही निलंबित किया गया. पहली बार ऐसा हुआ, जब आदिवासियों के बोनस की पूरी राशि हड़प ली गई.

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